आईएसएल-5 : टॉप-4 में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेंगे हाईलैंर्ड्स (प्रीव्यू)

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हाईलैर्ड्स नाम से मशहूर नार्थईस्ट युनाइटेड एफसी शनिवार को अपने घरेलू मैदान-इंदिरा गांधी एथलेटिक स्टेडियम में दो बार की चैम्पियन एटीके से भिड़ेगी। लगातार दो मैच ड्रॉ समाप्त होने के बाद पूर्वोत्तर की यह टीम एटीके के हराकर टॉप-4 में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी। बीते चार मैचों से दोनों टीमें अजेय हैं। नार्थईस्ट युनाइटेड को जहां जमशेदपुर और बेंगलुरू के खिलाफ दो ड्रॉ खेलने पड़े हैं वहीं एटीके की टीम चेन्नइयन एफसी पर 3-2 की जीत के बाद गुवाहाटी पहुंची है।

अभी नार्थईस्ट युनाइटेड तालिका में तीसरे स्थान पर है। उसके खाते में 10 मैचों से 19 अंक हैं। एटीके भी 15 अंकों के साथ छठे स्थान पर है। इसने भी 10 मैच खेले हैं। हाईलैंर्ड्स ने आईएसएल इतिहास में 2015 में 20 अंक हासिल किए थे और इस साल वे इस आंकड़े को पार करते दिख रहे हैं।

एटीके पर जीत इस टीम को नई ऊंचाई पर पहुंचा देगी और कोच स्कॉटोरी की देखरेख में इसने जो भी विकास किया है, उसका साफ प्रदर्शन होगा। अपने अंतिम मैच में नार्थईस्ट युनाइटेड ने बेंगलुरू की सीजन की पहली हार को मजबूर कर दिया था लेकिन अंतिम मिनट में चेंचो ने गोल करते हुए बेंगलुरू को बचा लिया। उस मैच से स्काटोरी की टीम ने काफी कुछ सकारात्मक हासिल किया था।

स्काटोरी टीम की थकान की समस्या से चिंतित हैं क्योंकि यह उनकी टीम का आठ दिनों में तीसरा मैच है। स्काटोरी ने कहा, “मेरी टीम थकी हुई लग रही है और थकान कल के मैच में हमारा सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी होगा। हमारा लक्ष्य टॉप-4 में बने रहना है। इसके लिए हम कोशिश करेंगे लेकिन बीते आठ दिनों में तीसरा मैच खेल रहे होने के कारण मेरे खिलाड़ियों पर थकान हावी हो सकती है।”

स्काटोरी के लिए उरुग्वे के प्लेमेकर फेडरिको गालेघो काफी अहम साबित हुए हैं। वह तीन गोल कर चुके हैं और पांच एसिस्ट उनके नाम है। वह अभी लीग के सबसे अच्छे मिडफील्डर हैं। एटीके के कोच स्टीव कोपेल के पास हालांकि गालेघो को रोकने के लिए रणनीति है।

एटीके के पास भी मैनुएल लेंजारोते के रूप में एक स्तरीय खिलाड़ी है। लेंजारोते ने चेन्नई के खिलाफ शानदार खेल दिखाया था। उन्होंने दो मौकों पर पेनाल्टी पर गोल किए थे। कोपेल को उम्मीद है कि लेंजारोते अपने उसी प्रदर्शन को जारी रखेंगे।

एटीके के लिए यह सीजन पेंडुलम की तरह रहा है। अपने शुरुआती दो मैच गंवाने के बाद इस टीम ने मिश्रित परिणाम हासिल किए हैं। कोपेल ने कहा, “कभी-कभी अपनी टीम को जानने में समय लगता है। आपको समझना होता है कि आपके लिए कौन खिलाड़ी कितना अहम है। इससे सही संतुलन और संयोजन बनाने में मदद मिलीत है। आप टीम के बारे में जानकारी जमा करते हैं और इस तरह सीजन आगे चलता रहता है।”

नार्थईस्ट युनाइटेड के खिलाफ एटीके को इसी सीजन में 1-0 की हार मिल चुकी है। इसके बाद से हालांकि इस टीम ने दूसरी टीमों के खिलाफ सिर्फ एक मैच गंवाया है।

एटीके के फुल बैक रिकी और अंकित मुखर्जी ने अच्छा खेल दिखाया है लेकिन अब इनका सामना अपने ही जैसे प्रतिभाशाली रिडीम थ्लांग और लालथांगा खालरिंग से होना है। दोनों टीमों में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो शैली और दमखम में एक दूसरे से काफी मेल खाते हैं और इस लिहाज से यह देखना होगा कि इनमें से कौन इस अहम मैच में चमक दिखा पाता है?

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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