आईएसएल-5 : घर में ब्लास्टर्स की तीसरी हार

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दो बार की उपविजेता केरला ब्लास्टर्स को शुक्रवार को हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के पांचवें सीजन में घर में तीसरी हार मिली। एफसी पुणे सिटी ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में उसे 1-0 से हरा दिया। पुणे के लिए विजयी गोल स्टार मार्लेलिन्हो ने 20वें मिनट में किया। इस सीजन में पुणे की केरल पर पहली और कुल दूसरी जीत है। दोनों टीमों के बीच 2 नवम्बर को पुणे में खेला गया मुकाबला 1-1 की बराबरी पर रहा था। घर में केरल का यह छठा मैच था। घर में उसका जीत का खाता नहीं खुल सका है।

इस जीत से तीन अंक लेकर पुणे की टीम लम्बे समय बाद 10 टीमों की तालिका में नौवें क्रम से एक स्थान ऊपर उठते हुए आठवें क्रम पर पहुंच गई है। केरल की टीम 11 मैचों से नौ अंकों के साथ सातवें स्थान पर ही है। उसे इस सीजन की चौथी हार मिली है।

दोनों टीमों ने पहले हाफ में आकर्षक खेल दिखाया। शुरुआत से ही दोनों टीमें एक दूसरे के खिलाफ मौके बनाती नजर आईं। इस क्रम में सातवें मिनट में पुणे ने बढ़त हासिल करने का एक बेहतरीन मौका गंवा दिया। मार्सेलिन्हो और केरल के गोलकीपर धीरज सिंह आमने-सामने थे लेकिन धीरज ने पूरी चपलता दिखाते हुए मार्सेलिन्हो के लो-फिनिश को रोक दिया।

आठवें मिनट में केरल के लिए स्लाविसा स्टोजानोविक ने एक बेहतरीन मूव बनाया लेकिन वह काफी करीब जाकर भी चूक गए। 11वें मिनट में पुणे के सार्थक गोलुई को पीला कार्ड मिला।

पुणे को लगातार हमले करने का फल 20वें मिनट मिला और मार्सेलिन्हो ने आशिक कुरुनियन की मदद से गोल करते हुए उसे 1-0 से आगे कर दिया। आशिक के पास पर मार्सेलिन्हो ने जो पहला प्रयास किया था वह अनस इदाथोदिका द्वारा रोक दिया गया था लेकिन मार्सेलिन्हो ने डिफलेक्ट हुई गेंद को गोल में डालकर अपनी टीम को बढ़त दिला दी।

इसके बाद दोनों टीमों के बीच गेंद पर कब्जा बनाए रखने के लिए संघर्ष चलता रहा। 39वें मिनट में संदेश झिंगन ने सिमिलेन डोंगेल के लिए अच्छा मूव बनाया लेकिन वह ऑफटारगेट हो गए।

मेजबान टीम ने 46वें मिनट में पहला बदलाव करते हुए डोंगेल को बाहर किया और स्टार स्ट्राइकर सीके विनीत को अंदर किया। इसी मिनट में हालीचरण नारजारे ने केरल के लिए अच्छा मूव बनाते हुए स्टोजानोविक को बॉक्स के अंदर एक अच्छा लो-क्रास पास दिया लेकिन वह गेंद को बाहर मार बैठे।

50वें मिनट में पुणे के साहिल पवार को पीला कार्ड मिला। पुणे ने 52वें मिनट में पहला बदलाव करते हुए मार्सेलिन्हो को बाहर किया और मार्को स्टैनकोविक अंदर लाए गए। आते ही स्टैनकोविक को 54वें मिनट में पीला कार्ड मिला। 58वें मिनट में केरल के स्टोजानोविक को पीला कार्ड दिखाया गया।

65वें मिनट में केरल के लिए जाकीर मुंडामपारा ने कार्नर लिया और समद ने उसे हेडर के जरिए पोस्ट में डालना चाहा लेकिन वह चूक गए। 68वें मिनट में पुणे ने चोटिल आशिक को बाहर कर निखिल पुजारी को अंदर किया।

पुणे के लिए स्टैनकोविक 71वें मिनट में गोल करने के करीब थे लेकिन बॉक्स के अंदर से किए गए उनके प्रयास को धीरज ने नाकाम कर दिया। सिरिल काली की गलती के कारण स्टैनकोविक को गेंद मिली थी। उनकी यह गलती केरल को भारी पड़ सकती थी। 75वें मिनट में केरल ने चोटिल करेज पेकुसन को बाहर कर प्रशाथ के. को अंदर किया।

केरल की टीम बराबरी के लिए लगातार प्रयास कर रही थी। 76वें मिनट में सहल को बॉक्स के अंदर प्रशांथ ने एक अच्छा पास दिया लेकिन मैट मिल्स ने गोल के सामने सहल के शॉट को रोक दिया। 78वें मिनट में पुणे ने बदलाव करते हुए निम तमांग को बाहर किया और मार्टिन डियाज को अंदर लिया।

84वें मिनट में इयान ह्यूम और स्टैनकोविक ने अच्छा मूव बनाया लेकिन लेकिक पेसिक के बीच में आने के कारण वे सफल नहीं हो सके। बराबरी को आतुर केरल ने इंजुरी टाइम में अच्छा मूव बनाया लेकिन पुणे के गोलकीपर कमलजीत ने झिंगन के हेडर को पोस्ट तक नहीं पहुंचने दिया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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