क्या ये है मोदी और योगी के बीच के टकराव का सीधा प्रसारण?

0
2780

जयपुर। पिछले महीने हुए गोरखपूर और फूलपूर लोकसभा उपचुनाव में भाजपा को समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन से मुंह की खानी पड़ी थी। ये दोनों सीटें यूपी के सीएम और डिप्टी सीएम के द्वारा यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद खाली की गई सीटें थीं। खासतौर पर गोरखपुर की सीट, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गढ़ कहा जाता है। कोई सोच भी नहीं सकता था कि योगी अपने ही गढ़ को गंवा बैठेंगे।

शुरुआत इन दोनों सीटों पर उपचुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया से ही शुरु हो गई थी। जब भाजपा हाई कमान ने गोरखपुर सीट के लिए योगी से कोई बात नहीं की और यहां पर से गोरखपुर के मठ से संबिधित किसी व्यक्ति को ना चुनकर किसी और को उम्मीदवार बना दिया। ये खेल इस उपचुनाव के बाद भी जारी ही है।

योगी को कर्नाटक में चुनाव प्रभारी भी बनाया गया था। यूपी उपचुनाव से पहले योगी ने कर्नाटक में परिवर्तन यात्री की शुरुआत भी की थी। काफी ज़ोर-शोर के साथ योगी को पार्टी ने कर्नाटक चुनाव का दायित्व दिया था। लेकिन कुछ ही दिनों में योगी को काफी बेहतरीन तरीके से कर्नाटक से नदारद कर दिया गया। अब यहां की कमान संभाल रहे हैं खुद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह।

लेकिन हम ऐसा क्यों कह रहे हैं कि योगी और बाकी भाजपा शीर्ष नेताओं में कोई मतभेद है जो कि साफ तौर पर देखा जा सकता है। अभी हाल में ही उत्तर प्रदेश में योगी राज के एक साल पूरे हुए। राज्य सरकार मे काफी हर्षोल्लास के साथ राज्य में 1 साल की सरकार पूरे होने पर जश्न मनाया। मगर ताज्जुब की बात ये रही कि 1 साल पहले जीत के बाद सारी ज़िम्मीदारी योगी को सौंप देने वाली भाजपा का एक भी शीर्ष नेता इस जश्न में दिखाई नहीं दिया। इसके साथ ही योगी के इस जश्न को मीडिया कवरेज भी ज़्यादा नहीं मिल पाया।

इसके साथ हाल के दिनों में भी भाजपा बनाम योगी साफ तौर पर देखा जा सकता है। ऐसा लग रहा है कि यूपी में कोई और ही भाजपा है और बाकी जगहों पर कोई और भाजपा। योगी के यूपी के विधायक जहां योगी के समर्थन में दिख रहे हैं, वहीं योगी के यूपी के भाजपा सांसद योगी के खिलाफ दिख रहे हैं। राज्यसभा चुनाव में 1 सीट के लिए हुई जद्दोजेहद में भाजपा की जीत का श्रेय अमित शाह को मिला ना कि योगी आदित्यनाथ को।

यूपी के दो भाजपा सांसद योगी के खिलाफ देखे जा रहे हैं और कई सांसद भी दबी ज़ुबान में एंटी योगी दिख रहे हैं। भाजपा की दलित सांसद सावित्री बाई फूले ने उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ अभियान चला रखा है। वो कह रही हैं कि यूपी में दलितों की आवाज़ को दबाने की साज़िश की जा रही है। अब कल भी एक पत्र ने योगी के खिलाफ माहौल बनाना शुरु कर दिया है। ये पत्र लिखा है यूपी के एक और दलित सांसद छोटेलाल खरवार ने। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम इस पत्र में उन्होंने लिखा है कि योगी उनकी सुन नहीं रहे हैं और जब वो अपनी शिकायत लेकर गए तो योगी ने छोटेलाल को डांट कर भगा दिया।

“अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा”, 2 से 282 सीटों तक भाजपा का सफर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here