IPL-13 : मुंबई ने कोलकाता को हरा खोला जीत का खाता (राउंडअप)

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मुंबई इंडियंस ने बुधवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें संस्करण में अपने दूसरे मैच में जीत का खाता खोल लिया। मौजूदा विजेता ने शेख जाएद स्टेडियम में दो बार की विजेता और इस सीजन का अपना पहला मैच खेल रही कोलकाता नाइट राइडर्स को 49 रनों से हरा दिया। मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए रोहित शर्मा (80 रन, 54 गेंद, 3 चौके, 6 छक्के) और सूर्यकुमार यादव (47 रन, 28 गेंद, 6 चौके, 1 छक्के) की बेहतरीन पारियों की मदद से 20 ओवरों में पांच विकेट खोकर 195 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। कोलकाता का जिस तरह का बल्लेबाजी क्रम है उस देखकर संभव था कि वह यह लक्ष्य हासिल कर ले, लेकिन मुंबई के गेंदबाजों ने इसे मुमकिन नहीं होने दिया और कोलकाता को 20 ओवरों में नौ विकेट पर 146 रन तक ही जाने दिया।

196 रनों के लक्ष्य को पाने के लिए कोलकाता को तेज शुरुआत की जरूरत थी। शुभमन गिल के साथ सुनील नारेन ओपनिंग करने आए। गिल (7) को ट्रेंट बाउल्ट ने जल्दी पवेलियन भेज दिया। जेम्स पैटिनसन ने नरेन (9) को भी अपना बल्ला नहीं खोलने दिया। विकेटकीपर क्विंटन डी कॉक ने उनका कैच पकड़ा। कोलकाता को वो शुरुआत नहीं मिली जिसकी जरूरत थी।

नरेन और गिल जो नहीं कर पाए थे वो काम कप्तान दिनेश र्कार्तिक और नीतीश राणा ने कुछ हद तक किया। स्ट्रेटिजिक टाइम आउट तक इन दोनों ने टीम के स्कोर को 64 तक पहुंचा दिया। 10 ओवरों में टीम का स्कोर 71 रनों रनों पर दो विकेट था। यहां से कोलकाता को जीतने के लिए 125 रन चाहिए थे।

11वें ओवर फेंकने आए राहुल चहर ने पहली ही गेंद पर कार्तिक (30 रन, 23 गेंद, 5 चौके) को एलबीडबल्यू कर दिया। कार्तिक के बाद राणा (24 रन, 18 गेंद) केरन पोलार्ड का शिकार हो गए।

मुंबई के लिए खतरा अभी टला नहीं था क्योंकि कोलकाता के दो खतरनाक बल्लेबाज,जिनकी हिटिंग का विश्व लोहा मानता है- आंद्रे रसेल और इयोन मोर्गन विकेट पर आ गए थे।

अब सब कुछ इन्हीं दोनों पर था। मुंबई के गेंदबाजों ने पूरी रणनीति के साथ गेंदबाजी की। मोर्गन न ही रसेल मुंबई के गेंदबाजों के खिलाफ तेजी से रन बना पाए। बढ़ती रन रेट के कारण इन दोनों को जोखिम लेना ही था। इसी कोशिश में रसेल ने जसप्रीत बुमराह पर लंबा शॉट मारना चाहा लेकिन बोल्ड हो गए। तूफानी रसेल ने 11 गेंदों पर 11 रन बनाए। इसी ओवर में बुमराह ने मोर्गन को भी पवेलियन भेज अपनी टीम को राहत की सांस दी। मोर्गन 20 गेंदें खेलने के बाद 16 रन ही बना सके।

यहां से मुंबई की जीत महज औपचारिकता मात्र थी। पैट कमिंस ने चार छक्कों और एक चौके की मदद से 12 गेंदों पर 33 रन बनाए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

इससे पहले, कोलकाता ने टॉस जीतकर मुंबई को बल्लेबाजी के लिए बुलाया। चेन्नई के खिलाफ तेज पारी खेलने वाले क्विंटन डी कॉक इस मैच में जल्दी आउट हो गए। शिवम मावी की गेंद पर पुल करने गए डी कॉक, निखिल नाइक के हाथों लपके गए।

रोहित और सूर्यकुमार को शुरू में थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन दोनों ने संयम से बल्लेबाजी करते हुए रन बनाने जारी रखे। पावरप्ले में मुंबई का स्कोर एक विकेट पर 59 रन था।

पावर प्ले के बाद सातवां ओवर लेकर आए रसेल को रोहित शर्मा ने वही ट्रीटमेंट दिया जो रसेल बल्लेबाजी करते हुए गेंदबाजों को देते हैं। उन्होंने सातवें ओवर में एक चौका और एक छक्का लगाया और कुल 13 रन वसूल किए।

स्ट्रेटिजिक टाइम आउट तक मुंबई ने आठ ओवरों में एक विकेट खोकर 83 रन बना लिए थे। दोनों खिलाड़ी अपने अर्धशतक की ओर आसानी से जा रहे थे। लेकिन सूर्यकुमार अर्धशतक पूरा करने से तीन रन पहले ही रन आउट हो गए। रोहित अपने अर्धशतक से नहीं चूके। उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया और अपनी लय में रन बनाते रहे।

सूर्यकुमार के बाद रोहित ने सौरव तिवारी के साथ पारी को बनाया। सौरव (21 रन, 13 गेंद, 1 चौका, 1 छक्का)147 के कुल स्कोर पर रोहित का साथ छोड़ गए। नरेन की गेंद पर पैट कमिंस ने उनका कैच पकड़ा।

उम्मीद थी कि हार्दिक पांड्या पहले मैच की कसर निकालेंगे और इस मैच में तूफानी पारी खेलेंगे। उन्होंने दो चौके और एक छक्का भी लगाया, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से हिटविकेट हो गए।

कोलकाता को पहला विकेट दिलाने वाले मावी ने रोहित को अपना दूसरा शिकार बनाया। अंत में पोलार्ड (13) और क्रुणाल पांड्या (1) नाबाद लौटे।

मावी कोलकाता के सबसे प्रभावी और सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने चार ओवरों में 32 रन दिए और दो विकेट भी लिए। एक ओवर मेडेन भी फेंका।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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