IPL-13 : चेन्नई के बल्लेबाजों के सामने हैदराबाद के गेंदबाजों की चुनौती

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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें संस्करण में आज यहां दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स के बल्लेबाजों के सामने सनराइजर्स हैदरबाद के गेंदबाजों की चुनौती होगी। तीन बार की विजेता चेन्नई पिछले सात मैचों में सिर्फ दो मैच ही जीत पाई है। आईपीएल में ऐसा कभी नहीं हुआ है कि चेन्नई खेली और प्लेऑफ में न पहुंची हो। उसके कप्तान महेंद्र सिंह धोनी हर बार टीम को शीर्ष-4 में ले जाते हैं लेकिन इस बार यह काफी मुश्किल या यू कहूं असंभव सा लग रहा है।

धोनी ने भी पिछले मैच में माना था कि उनकी बल्लेबाजी में तमाम खामियां हैं, जिन पर काम करने की जरूरत है। क्या बदलाव, क्या सुधार धोनी और टीम प्रबंधन करता है यह देखना होगा। शेन वॉटसन और फॉफ डु प्लेसिस के अलावा कोई और बल्लेबाज फॉर्म में नहीं हैं।

अंबाती रायडू भी वापसी के पास कुछ खास नहीं कर पाए हैं। केदार जाधव की जगह पिछले मैच में एन. जगदीशन को मौका दिया गया था। उन्होंने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए प्रभावित भी किया था। धोनी, रवींद्र जडेजा और ड्वेन ब्रावो भी उस तरह की पारी नहीं खेल पाएं जिसकी टीम को जरूरत है। यह सभी चिंताएं चेन्नई के लिए बड़ी परेशानी है जो उसे सुलझानी है।

गेंदबाजी में टीम वैसे अच्छा कर रही है। उसके गेंदबाज विपक्षी टीमों को ज्यादा रन नहीं बनाने दे रहे हैं। शार्दुल ठाकुर को शुरुआती मैचों में मौका नहीं मिला था लेकिन जब से उन्हें मौका मिला है वो अच्छा कर रहे हैं। दीपक चहर भी अच्छी लय में हैं। सैम कुरैन की गेंदबाजी से भी धोनी खुश हैं। स्पिन में जडेजा और कर्ण शर्मा हैं।

चेन्नई को हैदराबाद के खिलाफ अपनी बल्लेबाजी पर ज्यादा ध्यान देना होगा क्योंकि हैदराबाद का गेंदबाजी आक्रमण शानदार है। टी. नटराजन, संदीप शर्मा ने भुवनेश्वर कुमार की कमी को ज्यादा खलने नहीं दिया है। स्पिन में टीम के पास राशिद खान जैसा हथियार है।

बल्लेबाजी में जॉनी बेयरस्टो और डेविड वार्नर फॉर्म में हैं और मनीष पांडे ने भी पिछले मैच में 54 रनों की पारी खेली। केन विलियम्सन जैसा बल्लेबाज भी टीम के पास है। हैदराबाद के लिए जरूरी है कि यह चारों बल्लेबाजों में कोई न कोई चले और अंत तक खड़ा रहे नहीं तो टीम का सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है।

प्रियम गर्ग और अभिषेक शर्मा निचले क्रम में हैं लेकिन लगातार अच्छा न कर पाना उनकी कमजोरी रही। दोनों में काबिलियत तो है लेकिन उसका निरंतर इस्तेमाल इन दोनों के लिए भी जरूरी है और टीम के लिए भी।

टीमें (सम्भावित):

सनराइजर्स हैदराबाद : डेविड वार्नर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, बैसिल थम्पी, भुवनेश्वर कुमार, बिली स्टानलेक, जॉनी बेयरस्टो, केन विलियम्सन, मनीष पांडे, मोहम्मद नबी, राशिद खान, संदीप शर्मा, शहबाज नदीम, श्रीवत्स गोस्वामी, सिद्धार्थ कौल, खलील अहमद, टी. नटराजन, विजय शंकर, रिद्धिमान साहा, विराट सिंह, प्रीयम गर्ग, जेसन होल्डर, संदीप बवांका, फाबियान ऐलेन, अब्दुल समद, संजय यादव।

चेन्नई सुपर किंग्स : महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), केदार जाधव, रवींद्र जडेजा, पीयूष चावला, ड्वेन ब्रावो, कर्ण शर्मा, शेन वाटसन, शार्दूल ठाकुर, अंबाती रायडू, मुरली विजय, फाफ डु प्लेसिस, इमरान ताहिर, दीपक चाहर, लुंगी एनगिडी, मिशेल सैंटनर, केएम. आसिफ, नारायण जगदीशन, मोनू कुमार, रितुराज गायकवाड़, आर. साई किशोर, जोश हेजलवुड, सैम कुरैन।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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