IPL-13 : सुपर ओवर में जीती दिल्ली, मंयक का अर्धशतक गया बर्बाद (राउंडअप)

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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें सीजन में रविवार को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच खेला गया सीजन का दूसरा मैच रोमांच से भरपूर रहा, जहां दिल्ली ने सुपर ओवर में जीत हासिल की। पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली ने 20 ओवरों में आठ विकेट खोकर 157 रन बनाए थे। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब भी 20 ओवरों में 157 रन ही बना सकी जिससे मैच सुपर ओवर में गया।

सुपर ओवर में पंजाब की टीम सिर्फ दो रन ही बना सकी और दिल्ली ने आसानी से तीन रन बनाकर मैच अपने नाम कर सीजन की विजयी शुरुआत की।

एक समय पंजाब की हार तय लग रही थी, लेकिन सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल शुरू से एक छोर संभाले रखे हुए थे। उन्होंने 60 गेंदों पर सात चौके और चार छक्कों के साथ 89 रन बनाए, लेकिन उनकी मेहनत बर्बाद चली गई।

आखिरी ओवर में पंजाब को जीतने के लिए 13 रन चाहिए थे। मंयक ने मार्कस स्टोइनिस की गेंद पर छक्का लगाया और तीसरी गेंद पर चौका मारा, लेकिन मयंक पांचवीं गेंद पर अांउट हो गए। स्कोर बराबर था और पंजाब को जीतने के लिए एक गेंद पर एक रन चाहिए था, लेकिन आखिरी गेंद पर क्रिस जोर्डन भी आउट हो गए और मैच सुपर ओवर में गया, जहां दिल्ली ने जीत दर्ज की।

इससे पहले, पंजाब को तेज शुरुआत नहीं मिली। टीम का स्कोर 30 रन ही था और तभी पांचवें ओवर की तीसरी गेंद पर मोहित शर्मा ने पंजाब के कप्तान लोकेश राहुल (19 गेंदें, 21 रन) को बोल्ड कर दिया।

अगले ओवर में पंजाब के पूर्व कप्तान रविचंद्रन अश्विन, जो इस साल दिल्ली कैपिटल्स में ट्रेड हुए, ने पंजाब को और दबाव में ला दिया। उन्होंने अपनी पहली ही गेंद पर करुण नायर (1) और फिर निकोलस पूरन (0) को बोल्ड कर उसका स्कोर 34 रनों पर तीन विकेट कर दिया। लेकिन इसी ओवर की आखिरी गेंद पर रन रोकने की कोशिश में अश्विन ने डाइव मारी जिसके कारण उनका कंधा चोटिल हो गया। टीम के फिजियो पैट्रिक फरहार्ट फिर उन्हें मैदान के बाहर ले गए और अश्विन आखिरी तक लौटकर नहीं आए।

पंजाब को अब ग्लेन मैक्सवेल से उम्मीदें थीं। मैक्सवेल जल्दबाजी में बड़ा शॉट खेलने में चूक कर गए और अय्यर ने उनका कैच पकड़ पंजाब को चौथा झटका दिया। मैक्सवेल एक रन ही बना पाए।

युवा बल्लेबाज सरफराज भी सिर्फ 12 रन बनाकर अक्षर पटेल की गेंद पर आउट हो गए। कृष्णप्पा गौतम ने मंयक के साथ मिलकर टीम को 100 के पार पहुंचाया। कैगिसा रबाडा ने गौतम (14 गेंद, 20 रन) को आउट कर पंजाब का स्कोर छह विकेट पर 101 रन कर दिया।

यहां से फिर मयंक अग्रवाल ने टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया, लेकिन आखिरी ओवर में उनके आउट हो जाने के कारण स्कोर समान रहा और मैच का परिणाम सुपर ओवर में आया।

इससे पहले, दिल्ली की खराब शुरुआत और धीमी रनगति के कारण बड़ा स्कोर पहुंच से बाहर लग रहा था। स्टोइनिस ने डेथ ओवरों में आक्रामक पारी खेल दिल्ली को लड़ने लायक स्कोर दिया। 20वें ओवर में दिल्ली ने कुल 30 रन बनाए और यह दिल्ली को 150 के पार ले जाने में काफी अहम रहे। स्टोइनिस ने 21 गेंदों पर सात चौके तीन छक्कों की मदद से 53 रन बनाए।

सबसे पहले शिखर धवन (0) गलतफहमी में रन आउट हो गए और फिर मोहम्मद शमी ने पृथ्वी शॉ (5) को पवेलियन की राह दिखाई। विंडीज के शिमरॉन हेटमायेर भी कुछ खास नहीं कर सके। उन्होंने सिर्फ 7 रन बनाए।

दिल्ली का स्कोर 13 रनों पर तीन विकेट था। कप्तान श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत ने यहां से पारी को बनाना शुरू किया। स्ट्रैटिजी टाइम आउट तक दिल्ली का स्कोर 9 ओवर में 45 रनों पे तीन विकेट था। इन दोनों की कोशिश टीम को मुश्किल में से बाहर निकालने की थी।

विकेट पे टिकने के बाद दोनों बल्लेबाज खुलकर खेलने के मूड में आ गए थे। श्रेयस ने कृष्णाप्पा गौतम के ओवर में दो छक्के मारे। अगले ओवर में पंत ने भी बिश्नोई पे चौका मारा, लेकिन अगली गेंद पे बोल्ड हो गए। पंत ने 29 गेंदों में 31 रन बनाए। उनकी पारी में चार चौके शामिल रहे।

पंत के बाद अय्यर भी पवेलियन लौट लिए। कप्तान ने 32 गेंदों का सामना कर 39 रन बनाए। पंत और अय्यर ने चौथे विकेट के लिए 73 रन जोड़े। अक्षर पटेल खाता खोलने में असफल रहे।

यहां दिल्ली पर दबाव था और स्टोयनिस ने तेजी से रन बनाने शुरू किए। उनके शॉट लगे भी और टीम को एक अच्छा स्कोर मिला।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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