IPL-13 : दिल्ली ने चेन्नई को 44 रनों से हराया

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दिल्ली कैपिल्स ने शुक्रवार को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए आईपीएल-13 मैच में चेन्नई सुपर किंग्स को 44 रनो से हरा दिया। दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में तीन विकेट खोकर 175 रन बनाए। चेन्नई 20 ओवरों में सात विकेट खोकर 131 रन ही बना सकी।

चेन्नई के लिए फाफ डु प्लेसिस ने 35 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 43 रन बनाए। अंत में महेंद्र सिंह धोनी ने 12 गेंदों पर 15 रन बनाए।

दिल्ली के लिए पृथ्वी शॉ ने 43 गेंदों पर नौ चौके और एक छक्के की मदद से 64 रनों की पारी खेली। शिखर धवन ने 35 रन बनाए। ऋषभ पंत ने नाबाद 37 रनों का योगदान दिया।

चेन्नई के लिए पीयूष चावला ने दो विकेट लिए। सैम कुरैन को एक सफलता मिली।

दिल्ली की यह दो मैचों में दूसरी जीत है जबकि चेन्नई को तीन मैचों में दूसरी हार मिली है।

न्यूज स्त्रोत आइएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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