आईपीएल-12 : हैदराबाद को हरा प्लेऑफ का टिकट कटाना चाहेगी चेन्नई (प्रीव्यू)

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मौजूदा चैम्पियन चेन्नई सुपर किंग्स बुधवार को यहां राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद को हराकर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 12वें संस्करण के प्लेऑफ में अपना स्थान पक्का करना चाहेगी।

वहीं, दूसरी तरफ लगातार तीन हार झेल चुकी पूर्व चैम्पियन हैदराबाद की कोशिश जीत की पटरी पर लौटने की होगी।

महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई की टीम आठ मैचों में सात जीत और एक हार के साथ 14 अंकों के सहारे तालिका में मजबूती से शीर्ष पर कायम है। हैदराबाद के खिलाफ जीतने से टीम प्लेऑफ में लगभग अपना स्थान पक्का कर लेगी।

चेन्नई ने अपने पिछले मैच में रविवार को दो बार की चैम्पियन कोलकाता नाइट राइडर्स को पांच विकेट से करारी शिकस्त दी। टीम के अधिकतर बल्लेबाज शानदार फॉर्म में चल रहे हैं, जिनमें खुद कप्तान धोनी के अलावा, शेन वाटसन, फॉफ डु प्लेसिस और सुरेश रैना शामिल हैं।

वहीं, गेंदबाजी में लेग स्पिनर इमरान ताहिर आठ मैचों में 13 विकेट लेकर गेंदबाजों की सूची में दूसरे नंबर पर चल रहे हैं। उनके अलावा अनुभवी ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह और दीपक चाहर भी शानदार गेंदबाजी कर रहे हैं।

दूसरी तरफ सात मैचों में तीन जीत और चार हार के साथ तालिका में छठे नंबर पर मौजूद हैदराबाद की कोशिश लीग में अपनी स्थिति सुधारने की होगी।

केन विलियम्सन की कप्तानी वाली हैदराबाद को अपने पिछले मैच में घर में ही दिल्ली कैपिटल्स के हाथों 39 रन से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है।

दिल्ली से मिले 156 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही टीम एक समय दो विकेट पर 101 रन बनाकर अच्छी स्थिति में थी। लेकिन फिर इसके बाद वह मात्र 15 रन के अंदर ही अपने बाकी के आठ विकेट गंवाकर 116 रन पर ढेर हो गई थी।

हैदराबाद की टीम की समस्या यह है कि यह अपने कुछ खिलाड़ियों पर ही निर्भर होती जा रही है। इनमें ओपनर डेविड वार्नर और जॉनी बेयरस्टो शामिल हैं।

वार्नर इस समय में बल्लेबाजों की सूची में सात मैचों में 400 रन बनाकर शीर्ष पर चल रहे हैं। वहीं, बेयरस्टो इतने ही मैचों में 304 रन के साथ छठे नंबर पर हैं।

लेकिन, टीम का मध्यक्रम बेहद कमजोर नजर आ रहा है और इसका उदाहरण दिल्ली के साथ मैच में दिखा चुका है।

विश्व कप के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में जगह पाने वाले हरफनमौला खिलाड़ी विजय शंकर भी पिछले मैच में एक ही रन बना पाए थे। उन्होंने लीग के सात मैचों में अबतक 132 रन बनाए हैं और ऐसे में टीम को उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

गेंदबाजी विभाग में टीम के गेंदबाज अच्छा कर रहे हैं। इनमें लेग स्पिनर राशिद खान, मोहम्मद नबी, संदीप शर्मा और भुवनेश्वर कुमार शामिल हैं। संदीप और नबी ने क्रमश : सात और चार मैचों में आठ और चार विकेट चटकाए हैं।

टीमें :

चेन्नई : अंबाती रायडू, शेन वाटसन, सुरेश रैना, महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान और विकेटकीपर), केदार जाधव, रविंद्र जडेजा, ड्वायन ब्रावो, दीपक चहर, शार्दूल ठाकुर, हरभजन सिंह, इमरान ताहिर, मुरली विजय, ध्रुव शौरे, फाफ डु प्लेसिस, ऋतुराज गायकवाड़, मिशेल सैंटनर, डेविड विली, सैम बिलिंग्स, समीर, मोनू कुमार, कर्ण शर्मा, केएम आसिफ, मोहित शर्मा।

हैदराबाद : भुवनेश्वर कुमार (कप्तान), केन विलियम्सन, डेविड वार्नर, अभिषेक शर्मा, जॉनी बेयरस्टो, खलील अहमद, रिकी भुई, बासिल थम्पी, श्रीवत्स गोस्वामी, मार्टिन गुप्टिल, दीपक हुड्डा, सिद्धार्थ कौल, मोहम्मद नबी, शहबाज नदीम, टी. नटराजन, मनीष पांडे, यूसुफ पठान, राशिद खान, रिद्धिमान साहा, संदीप शर्मा, विजय शंकर, शाकिब अल हसन और बिली स्टानलेक।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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