आईपीएल-12 : डिविलियर्स, स्टोयनिस की विस्फोटक बल्लेबाजी

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अब्राहम डिविलियर्स (नाबाद 82) के शानदार अर्धशतक और मार्कस स्टोयनिस (नाबाद 46) की ताबड़तोड़ पारी के दम पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर ने यहां एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में जारी आईपीएल के 12वें संस्करण के मैच में बुधवार को किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ चार विकेट पर 202 रन का विशाल स्कोर बना लिया।

डिविलियर्स ने 44 गेंदों की पारी में तीन चौके और सात छक्के लगाए। स्टोयनिस ने 34 गेंदों की पारी में दो चौके और तीन छक्के लगाए। पार्थिव पटेल ने 43 और कप्तान विराट कोहली ने 13 रनों का योगदान दिया।

डिविलियर्स और स्टोयनिस ने पांचवें विकेट के लिए 121 रन की अविजित साझेदारी की। बेंगलोर ने अंतिम तीन ओवरों में 64 रन बटोरे।

पंजाब की ओर से मोहम्मद शमी, मुरुगन अश्विन, कप्तान रविचंद्रन अश्विन और हार्डस विलजोएन ने एक-एक विकेट लिया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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