आईपीएल-11 : दिल्ली को हराकर जीत की पटरी पर लौटी चेन्नई (राउंडअप)

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चेन्नई सुपर किंग्स ने सोमवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 11वें संस्करण में महाराष्ट्र क्रिकेट संघ (एमसीए) स्टेडियम में खेले गए मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स को 13 रनों से हराकर एक बार फिर जीत की राह पर वापसी कर ली है।

अपने दूसरे घर में खेल रही चेन्नई ने पहले अपने बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर 20 ओवरों में चार विकेट के नुकसान पर 211 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया और फिर दिल्ली के तमाम प्रयासों के बाद भी उसे 20 ओवरों में पांच विकेट पर 198 रनों पर सीमित करते हुए जीत हासिल की।

चेन्नई के लिए शेन वाटसन ने सबसे ज्यादा 78 रन बनाए। उन्होंने अपनी 40 गेंदों की पारी में चार चौके और सात छक्के लगाए। अंत में कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने 22 गेंदों में पांच छक्के और दो चौकों की मदद से नाबाद 51 रनों की पारी खेली। अंबाती रायुडू ने 24 गेंदों का सामना करते हुए 41 रन बनाए। उनकी पारी में पांच चौके और एक छक्का शामिल है।

दिल्ली के लिए ऋषभ पंत ने सर्वाधिक 79 रन बनाए। हरफनमौला खिलाड़ी विजय शंकर ने नाबाद 54 रनों की पारी खेली। पंत ने अपनी पारी में 45 गेंदें खेलते हुए सात चौके और चार छक्के लगाए।

दिल्ली को विशाल लक्ष्य हासिल करने के लिए जिस तरह की शुरुआत चाहिए थी वो उसे मिली नहीं। दबाव में युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ (9) बिखर गए और अपना पहला आईपीएल मैच खेल रहे के.एम. आसिफ की गेंद पर रवींद्र जडेजा को कैच दे बैठे। पृथ्वी का विकेट दूसरे ओवर की चौथी गेंद पर 10 के कुल स्कोर पर गिरा।

कोलिन मुनरो (26) भी तेजी से रन बनाने के प्रयास में थे और अपनी पारी में तीन चौके और दो छक्के लगा चुके थे। आसिफ की एक और गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचने के प्रयास में वह कर्ण शर्मा द्वारा लपक लिए गए। मुनरो का विकेट 46 के कुल स्कोर पर गिरा।

कप्तान श्रेयस अय्यर ने 14 गेंदों में एक चौके की मदद से 13 रन ही बनाए थे कि पंत के साथ हुई गलतफहमी में रन आउट होकर वह अपना विकेट खो बैठे। ग्लैन मैक्सवेल को जडेजा ने छह के निजी स्कोर पर बोल्ड किया।

यहां से पंत और शंकर ने टीम को जीत की पटरी पर बनाए रखने का हर प्रयास किया और आक्रामक तरीके से बल्लेबाजी की। इसी प्रयास में पंत आईपीएल में पदार्पण कर रहे दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज लुंगी नगिदी की गेंद पर जडेजा के हाथों लपके गए।

शंकर से रहते हुए टीम को उम्मीद तो थी, लेकिन वह अंत तक टिके रहने के बाद भी जरूरी रन नहीं बना सके। शंकर ने अपनी नाबाद पारी में 31 गेंदें खेली और एक चौका सहित पांच छक्के लगाए।

चेन्नई के लिए नगिदी ने चार ओवरों में 26 रन देकर एक विकेट लिया। आसिफ ने दो विकेट जरूर लिए, लेकिन तीन ओवरों में 43 रन लुटाए। जडेजा को एक सफलता मिली।

इससे पहले, दिल्ली के कप्तान अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन उनके गेंदबाज चेन्नई के मजबूत बल्लेबाजी क्रम के आगे अपनी गेंदों को सीमा रेखा के पार जाते देखते रहे।

वाटसन और धौनी के अलावा अंबाती रायुडू (42) ने भी अंत में तेजी से रन बनाए और धौनी के साथ चौथे विकेट के लिए 79 रनों की साझेदारी की।

चेन्नई के इस विशाल स्कोर की नींव वाटसन और फाफ डु प्लेसिस की सलामी जोड़ी ने रख दी थी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 102 रन जोड़े। डु प्लेसिस हालांकि अपने व्यवहार से विपरीत बल्लेबाजी करते दिखे। उन्होंने 33 गेंदों में 33 रन बनाए जिसमें एक छक्का और तीन चौके शामिल हैं।

चेन्नई ने अपना पहला विकेट 11वें ओवर की पांचवीं गेंद पर डु प्लेसिस के रूप में ही खोया। उन्हें विजय शंकर ने ट्रैंट बाउल्ट के हाथों कैच कराया। इससे पहले इसी ओवर में डु प्लेसिस को जीवन दान मिला था जब दूसरी गेंद पर वो डीप मिडविकेट पर लपके गए थे लेकिन यह नो बाल निकली। डु प्लेसिस इस जीवनदान का फायदा नहीं उठा पाए।

सुरेश रैना (1) को अगले ओवर में ग्लैन मैक्सवेल ने अपना शिकार बनाया। वाटसन की पारी का अंत अमित मिश्रा ने 14वें ओवर की पांचवीं गेंद पर किया। वाटसन को मिश्रा ने ल्याम प्लंकट के हाथों कैच कराया। वाटसन ने अपनी पारी में 40 गेंदों का सामना किया और चार चौकों के अलावा सात छक्के लगाए।

यहां से कप्तान धौनी और रायुडू ने बागडोर संभाली। दोनों ने आते ही तेजी से रन बटोरे। इन दोनों की जोड़ी ने अंत के चार ओवरों में 62 रन जोड़े। रायु़डू आखिरी ओवरी की पांचवीं गेंद पर रन आउट हुए।

धौनी ने आखिरी गेंद पर दो रन लेकर अपना अर्धशतक पूरा किया और नाबाद लौटे।

दिल्ली के लिए मिश्रा, मैक्सवेल और शंकर ने एक-एक विकेट लिया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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