आईओए अध्यक्ष बत्रा के पिता पाए गए कोविड-19 पॉजिटिव

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भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष नरेंद्र बत्रा ने गुरुवार को बताया कि उनके पिता का कोरोनावायरस का टेस्ट पॉजिटिव आया है। बत्रा ने साथ ही बताया कि उनके घर में काम करने वाले चार कर्मचारी भी कोविड-19 से संक्रमित पाए गए हैं। इनके अलावा उनके नई दिल्ली और फरीदाबाद के ऑफिस में भी एक-एक स्टाफ कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

बत्रा ने बताया कि उनका टेस्ट निगेटिव आया है।

बत्रा ने एक बयान में कहा, “मेरे पिता का कोविड-19 टेस्ट पॉजिटिव आया है और हमने उन्हें बत्रा अस्पताल में कोविड के लिए बनाए गए वार्ड/फ्लोर में 25 मई को भर्ती कराया है।”

उन्होंने बताया कि उनके पिता की देखभाल करने वाले दो कर्मचारी और दो सुरक्षा गार्ड संक्रमित पाए गए हैं।

बत्रा ने कहा, “मेरे पिता और चार अन्य हमारे घर से कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं और सभी को बत्रा अस्पताल में कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया है।”

बत्रा ने कहा, “हमारे परिवार में पांच सदस्य हैं जो यहां रहते हैं और साथ ही घर में काम करने वाले 13 स्टाफ हमारे घर में ही स्टाफ क्वार्टर में रहते हैं। हमने हमारे घर में हर किसी का टेस्ट कराया और ऊपर बताए गए पांच लोगों के अलावा सभी का टेस्ट निगेटिव आया है।”

बत्रा ने बताया कि उनके फरीदाबाद और नई दिल्ली ऑफिस के दो कर्मचारी भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।

बत्रा ने कहा, “दोनों स्टाफ अस्पताल में भर्ती होने का इंतजार कर रहे हैं। इनके टेस्ट 27 मई को आए थे। इन लोगों को इनके घर पर निगरानी में रखा जा रहा है।”

उन्होंने कहा, “हम सात-आठ दिन बाद तीन से चार जून के आस-पास एक बार फिर अपना टेस्ट कराएंगे। तब तक हम अपने आप को आज से ही 17 दिनों के लिए खुद ही क्वारंटाइन कर रहे हैं। दोनों ऑफिस को बंद कर दिया गया है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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