एटीके-मोहन बागान में अंतर्राष्ट्रीय काबिलियत : नीता अंबानी

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फुटबाल स्पोर्ट्स डेवलेपमेंट लिमिटेड (एफएसडीएल) की संस्थापक और चेयरपर्सन नीता अंबानी ने भारत के दिग्गज फुटबाल क्लब मोहन बागान का इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में स्वागत किया है। 130 साल पुराने क्लब ने शुक्रवार को तीन बार के आईएसएल विजेता क्लब एटीके एफसी के साथ विलय की सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और अब भारतीय फुटबाल में एटीके-मोहन बागान के नाम से जाना जाएगा।

अंबानी ने कहा, “हम एटीके और मोहान बागान के विलय से खुश हैं। मैं मोहान बागान का इंडियन सुपर लीग में स्वागत करती हूं और संजीव गोयनका का आई-लीग विजेता को खुले दिल से अपनाने के लिए बधाई देती हूं।”

अंबानी ने कहा कि एटीके और मोहन बागान का विलय भारत को एएफसी टूर्नामेंट में फायदा पहुंचाएगा।

उन्होंने कहा, “इन दोनों क्लब का एक साथ आना भारतीय खेल इतिहास में बड़ा कदम है। नया क्लब एटीके मोहन बागान एफसी में काफी काबिलियत है न सिर्फ पश्चिम बंगाल और भारतीय फुटबाल में बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर के लिहाज से भी।”

उन्होंने कहा, “मैं एटीके मोहन बागान के प्रबंधन, स्टाफ सभी को शुभकामनाएं देती हूं।”

बयान के मुताबिक, क्लब का नाम बदलकर एटीके मोहन बागान रखा जाएगा जबकि लोगो में मोहान बागान की नाव होगी जिसमें एटीके लिखा होगा।

नए क्लब ने साथ ही कहा है कि उसकी योजना बंगाल में विश्व स्तर की अकादमी बनाने की है और वह मोहन बागान के मौजूदा मैदान को दोबारा बनाना चहाती है ताकि आईएसएल और एएफसी के घरेलू मैच वहां हो सकें।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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