सपनों के बारे में रोंचक तथ्य, जिनको जानकर आप भी चौंक जाएंगे !

0

दोस्तों, सपने सभी लोग देखते हैं शायद ही इस घरती पर ऐसा कोई होगा जो कि सपने नहीं देखता होगा । मगर आज हम आपको इनके बारे में कुछ ऐसी रोचक बातें बताएंगे जिनको जानकर आप भी चौंक जाएंगे । क्या आप जानते है, जब आप 3 या 4 साल के थे तब तक आपको सपने नहीं आते थे जिसका मतलब ये है कि छोटे बच्चों को सपने नहीं आते । सपने आपके IQ पर निर्भर करते है । आप जब कभी भी सपना देखेगे आपको यह कभी भी याद नहीं रहेगा की सपने की शुरुआत कहा से हुयी थी ।

सपनों के ऊपर पहली किताब इजिप्ट में 4000 ईसा पूर्व लिखी गयी थी । जो व्यक्ति अंधे होते हैं उनको भी सपने आते हैं । कई बार सपने देखते हुए आपका शरीर ऐसी स्थिति में पहुंच जाता है जब आप चाह कर भी हिल डुल भी नहीं पाते और आपको ऐसा म​हसूस होता हैं जैसा कि, ये सब हकीकत में हो रहा हैं । अगर आप सोचते है की दिमाग थक जाता है तो आप गलत है , दिमाग सोते समय जागने की तुलना में ज्यादा तेज काम करता है ।

आपको जानकर हैरानी होगी मगर हम जब भी किसी को सपने में देखते है वह चेहरा हमने जरुर कही न कही देखा होता है चाहे हमे उसके बारे में कुछ याद हो या नहीं. हमारा मस्तिष्क खुद से चेहरे नहीं बना सकता ।

 

SHARE
Previous articleकोरोना वायरस के संक्रमण से दूर रहने के लिए, इम्यूनिटी और इंफ्लामेशन को रखे मजबूत
Next articleसेंसेक्स, निफ्टी जीडीपी के आंकड़ों के आगे गिरे दिख रहे
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here