नई शिक्षा नीति से इंस्टीट्यूट आफ एमिनेंस का होगा अंतर्राष्ट्रीयकरण: Nishank

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नई शिक्षा नीति के माध्यम से देश के श्रेष्ठ उच्च शिक्षण संस्थान, शिक्षा का अंतर्राष्ट्रीयकरण करने का प्रयास करेंगे। इसके लिए इन संस्थानों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फैकेल्टी नियुक्त किए जाएंगे। विश्व की विभिन्न रैंकिंग में इन शिक्षण संस्थानों को बेहतर नतीजे हासिल करने होंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने देशभर के सरकारी एवं निजी क्षेत्र के इंस्टीट्यूट आफ एमिनेंस की एक बैठक ली। इस बैठक में इन संस्थानों की प्रगति की समीक्षा की गई। सभी संस्थानों को वैश्विक रैंकिंग में बेहतर तरीके से भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए और प्रयास करने को कहा गया। निशंक ने आईएएनएस से कहा, संस्थानों को हमारी शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण पर काम करना चाहिए और एनईपी के ²ष्टिकोण के अनुसार अपने संस्थानों में बहु-विषयक धाराओं को बढ़ावा देना चाहिए। संस्थानों को वैश्विक रैंकिंग में बेहतर तरीके से भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए और प्रयास करने को कहा गया है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री द्वारा ली गई समीक्षा बैठक में देशभर के 20 प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान शामिल हुए। इनमें से 10 शिक्षण संस्थान सरकारी और 10 निजी क्षेत्र से संबंधित थे।

बैठक के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। खासतौर पर अंतर्राष्ट्रीय संकाय की भर्ती में तेजी लाने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं। इन की प्रगति को क्यूएस विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग और अंतरराष्ट्रीय मानकों के संकेतक के साथ मैप किया जाएगा।

भारतीय इंस्टीट्यूट आफ एमिनेंस संस्थानों के लिए एक प्रोत्साहन तंत्र के तहत उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा ताकि भारतीय इंस्टीट्यूट आफ एमिनेंस संस्थान स्वयं को विश्वस्तर पर स्थापित कर सकें।

एक एकीकृत पोर्टल बनाया जाएगा। जिसमें सभी उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़े विश्व स्तरीय शोध दस्तावेज होंगे।

निशंक ने कहा कि इस बैठक में अधिकारियों को संस्थानों के ब्रांड निर्माण के लिए एक विस्तृत रणनीति (गुणात्मक और मात्रात्मक दोनों मापदंडों के साथ) विकसित करने के लिए निर्देशित किया गया है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सिफारिशें जैसे कि मल्टी एंट्री-एग्जिट, ऑनलाइन डिग्री, मल्टीडिसिप्लिनरी, इंटरनेशनलाइजेशन आदि को इंस्टीट्यूट आफ एमिनेंस की सफलता सुनिश्चित करने के लिए इस्तेमाल में लिया जाएगा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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