कभी दलितों की जगह सवर्ण भी ढोते थे मैला और किए जाते थे प्रताड़ित!

0
877
tiolet wash

प्राचीन काल में हिंदू समाज अपनी सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक एकता के लिए मशहूर था। प्राचीन काल की सामाजिक स्थिति कर्म पर आधारित थी ना कि जाति पर। हिंदू समाज अचानक कई टुकड़ों में विभाजित होता है। और शुरू होता है दलित के नाम पर सामाजिक बहिष्कार का खेल।

आपको जानकारी के लिए बतादें कि मध्यकाल में मुस्लिम शासन तक भारतीय लोग घर से बाहर ही शौच करने के लिए जाते थे किंतु मुस्लिम राजाओं के यहां घर के अंदर ही शौच करने की व्यवस्था थी। आपको जानकर ये हैरानी होगी कि इस गंदगी को साफ करने के लिए हिंदू योद्धाओं को लगाया जाता था। आपको बतादें कि युद्ध में बंदी इन हिंदू योद्धओं को मुस्लिम शासकों और उनके सिपसलारों की गंदगी साफ करने के लिए लगाया जाता था।

इन याद्धाओं के सामने एक चुनौती दी जाती थी कि या तो वे इस्लाम धर्म स्वीकार कर लें या फिर शौच साफ करें। ये हिंदू योद्धा इतने वीर थे और अपने धर्म के प्रति आस्थावान थे कि इन्होंने इस्लाम धर्म स्वीकार नहीं किया और गंदे काम में लग गए।

धर्म और जाति के अपमान से बचने के लिए ये लोग अपनो से ही दूर हो गए। बाद में हिंदू समाज ने इन्हें बहिष्कृत कर दिया और सदा के लिए दलित बनाकर मैला ढोने के काम पर ही लगा दिया।

इतिहास की कई किताबों में ये उल्लेखित है कि हिंदूओं में इन जातियों का दलित नाम अंग्रेजों ने ही दिया है। अंग्रेजों ने इन्हें दलित इसलिए कहा क्यों कि ये लोग मुस्लिम शासकों द्वाारा शोषित और पीड़ित थे।

अग्रेंजों ने हिंदूओं को दलित का नाम देकर भारत को पूरी तरह से बांटने की साजिश रची। इन अग्रेंजों ने आजादी से पहले भारत को जो तकनीकी सुविधाएं जैसे रेल, टेलीफोन आदि तकनीकी सुविधाएं दी दरअसल ये सुविधाएं भारतवासियों के लिए नहीं वरन उनके निजी फायदे के लिए थी।  अग्रेंजों ने हिंदूओं को पहले दलित बनाने का खेल खेला बाद में मुसलमानों की तरह इसाई बनाने जैसे प्रलोभन दिए।

ये दलित समाज हिंदू ब्रह्मण और राजपूत जातियों से निकले हुए लोग हैं। अब वो समय आ गया है जब दलितों को अपनी मुख्य धारा में वापस आने का मौका दिया जाए।

संदर्भ ग्रन्थ— हिंदू दलित जाति : डा. विजय सोनकर शास्त्री

राजनीति और इतिहास की लेटेस्ट जानकारी पाएं हमारे FB पेज पे. अभी LIKE करें – समाचार नामा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here