सोनिया को अंतरिम अध्यक्ष बनाना कांग्रेस के राजनीतिक नेतृत्व का दिवालियापन

0
46

ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के लीगल सेल के पूर्व प्रमुख ने कहा कि कांग्रेस का सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष के रूप में पदभार संभालने का निर्णय पार्टी के ‘राजनीतिक नेतृत्व के दिवालियापन’ को दिखाता है। बार एसोसिशएन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष व एआईसीसी लीगल सेल के पूर्व अध्यक्ष ललित भसीन ने एक बयान में कहा कि सोनिया गांधी को अनुरोध नहीं स्वीकार करना चाहिए था और खुद कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार संभालने के बजाय किसी प्रतिबद्ध व सक्षम व्यक्ति के लिए मार्ग प्रशस्त करना चाहिए था।

उन्होंने सोनिया गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर नामित करने की कार्रवाई को एक प्रतिगामी कदम करार दिया।

उन्होंने कहा, “सोनिया गांधी की क्षमता, गुणों व प्रतिबद्धता को लेकर किसी को संदेह नहीं है, सोनिया ने अतीत में पार्टी का नेतृत्व किया है और अच्छे परिणाम दिए है। हालांकि, पार्टी जिसने दो साल पहले राहुल गांधी को अध्यक्ष पद सौंपने का एक फैसला लिया था, उसे सोनिया को फिर नियुक्त नहीं करना चाहिए था।”

उन्होंने कहा, “राहुल के पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद पार्टी को एक नया चेहरा (पार्टी में बहुत से चेहरे हैं) चुनना चाहिए था। पार्टी के नए चेहरे में वरिष्ठ या युवा नेता हो सकता था।”

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में शनिवार को राहुल गांधी अपने इस्तीफे के फैसले पर अड़े रहे, जिसके बाद पार्टी ने सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष के रूप में पद संभालने को कहा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleजापान में आयी एक नयी मुसीबत,फुकुशिमा संयंत्र का रेडियोधर्मी पानी बना समस्या
Next articleआखिर कब शुरु होगी चंडीगढ ट्रांसपोर्ट की महत्वाकांक्षी परियोजना
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here