भोपाल में दुष्कर्म, हत्या के आरोपी का चालान न्यायालय में पेश

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आठ वर्षीय मासूम की दुष्कर्म के बाद नृशंस हत्या करने के आरोपी विष्णु प्रसाद की गिरफ्तारी के तीसरे दिन पुलिस ने बुधवार को विशेष न्यायाधीश कुमुदनी पटेल की अदालत में 108 पेज का चालान पेश किया। बार एसोसिएशन के फैसले के मुताबिक आरोपी की ओर से किसी वकील ने पैरवी नहीं की।

कमलानगर थाना क्षेत्र में दुष्कर्म के बाद मासूम की हत्या किए जाने के आरोपी विष्णु प्रसाद को भारी सुरक्षा के बीच भोपाल की विशेष न्यायाधीश कुमुदनी पटेल की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी से कहा कि उसे वकील की मदद लेनी चाहिए तो उसने कहा, “मेरे पास पैसे नहीं है, लिहाजा मैं वकील नहीं कर सकता।” इस पर न्यायालय को बताया गया कि बार एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि आरोपी की कोई वकील पैरवी नहीं करेगा।

लोक अभियोजन की प्रवक्ता सुधा विजयसिह भदौरिया ने संवाददाताओं को बताया, “पुलिस ने आरोपी विष्णु के खिलाफ 108 पन्नों का चालान पेश किया है। प्रकरण में आरएफएसएल की रिपोर्ट संलग्न है।”

ज्ञात हो कि कमला नगर थाना क्षेत्र की मंडवा बस्ती में आठ वर्षीय बालिका शनिवार रात अपने घर से सामान लेने बाहर निकली तो लौट कर नहीं आई। मासूम का रविवार सुबह नाले में शव मिला था। पुलिस की लापरवाही उजागर होने पर सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। साथ ही आरोपी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किए जाने के साथ उसकी तलाश के लिए 20 दल गठित किए गए थे। आरोपी को सोमवार सुबह खंडवा में गिरफ्तार किया गया था।

आरोपी को मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार की अदालत में पेश किया गया था, जहां से उसे एक दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। बुधवार को उसका न्यायालय में चालान पेश किया गया।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में जल्द चालान पेश किए जाने का भरोसा दिलाया था और कहा था कि आरोपी को 30 दिनों के अंदर सजा मिले, इसके प्रयास किए जाएंगे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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