इंडोनेशिया : भूकंप, सुनामी में मृतकों की संख्या 2045 हुई

0
112

इंडोनेशिया के सुलवेसी प्रांत में 28 सितंबर को आए 7.5 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद आई सुनामी में मारे गए लोगों की संख्या 2,045 हो गई है। प्रशासन ने बुधवार को बताया कि लगभग 5,000 लोग लापता हैं।

समाचार एजेंसी एफे के अनुसार, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पालू में सर्वाधिक 1,636 लोगों की मौत हुई। इसके बाद सिगी में 222, डोंगाला में 171, परिगी में 15 और पसंगकायु में एक व्यक्ति की मौत हुई है।

1076 मृतकों को उनके परिजनों तथा शेष 969 शवों को सामूहिक रूप से प्रशासन ने दफना दिया।

हालिया आंकड़ों के अनुसार, 10,679 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 2,549 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। लगभग 82,775 विस्थापित लोग 100 से ज्यादा राहत शिविरों में रुके हुए हैं।

प्रशासन ने लगभग 5,000 लोगों के बलाराओ और पेटोबो के दलदल में दफन होने की आशंका जताई है।

देश में 2004 में आई सुनामी के बाद सुलवेसी भूकंप और सुनामी सबसे प्रलयकारी साबित हुए हैं। 2004 में आई सुनामी में 1,67,000 लोगों की मौत हुई थी।

इंडोनेशिया भौगोलिक रूप से ‘प्रशांत महासागरीय क्षेत्र के रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित है, जहां भूकंप और ज्वालामुखी संबंधी घटनाओं की सक्रियता ज्यादा होती है। यहां प्रतिवर्ष लगभग 7,000 झटके लगते हैं, जिनमें ज्यादातर झटके मध्यम तीव्रता के होते हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleयूथ ओलम्पिक (टेटे) : सेमीफाइनल में हारीं अर्चना
Next articleमैसूर में 10 दिवसीय दशहरा महोत्सव शुरू, जानिए !
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here