पाकिस्तान गई भारतीय टीम आधिकारिक नहीं : वर्ल्ड कबड्डी फेडरेशन

0

वर्ल्ड कबड्डी फेडरेशन ने कहा है कि विश्व कप में हिस्सा लेने के लिए भारत की जो टीम पाकिस्तान गई है वह ‘भारत’ शब्द का इस्तेमाल करने के लिए अधिकृत नहीं है।

भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने भी कहा है कि कबड्डी विश्व कप में हिस्सा लेने के लिए जो लोग पाकिस्तान पहुंचे है, वह वे अपने बैनर तले ‘भारत’ शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकते है।

वर्ल्ड कबड्डी फेडरेशन (आईएफ) के अध्यक्ष और सीईओ एल. डोरजी लामा ने आईएएनएस से कहा, “इस मामले में आईओए का बयान सही है। भारत की जो टीम लाहौर में है वह आधिकारिक नहीं है। जब तक खेल मंत्रालय उसे अपनी सहमति नहीं दे देता है तब तक कोई भी टीम ‘भारत’ शब्द का इस्तेमाल करने के लिए अधिकृत नहीं है।”

इससे पहले, आईओए के अध्यक्ष सोमवार को आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा कि जो लोग शनिवार को लाहौर पहुंचे हैं, वे देश के अधिकारी नहीं हैं और इसलिए वे अपने बैनर तले ‘भारत’ शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकते है क्योंकि वे एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया (एकेएफआई) द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है।

बत्रा ने कहा, “आईओए ने उन्हें अपनी मंजूरी नहीं दी है और ना ही महासंघ ने उन्हें मंजूरी दी है। इसलिए मुझे नहीं पता कि कौन गए हैं। पता नहीं 60 गए हैं या 100। मुझे कुछ नहीं पता। कबड्डी फेडरेशन, जोकि आईओए का सदस्य है, उसने हमसे पुष्टि की है कि उन्होंने किसी को नहीं भेजा है। मैंने खेल मंत्रालय का बयान पढ़ा है जिसमें भी पुष्टि की गई है कि उन्होंने किसी को इसकी मंजूरी नहीं दी है। इसलिए मुझे नहीं पता कि वे कौन है और क्या कहानी है।”

भारतीय टीम वाघा सीमा के रास्ते लाहौर पहुंची। पाकिस्तान में पहली बार कबड्डी विश्व कप का आयोजन हो रहा है। इसमें भारत समेत दस देशों की टीमें हिस्सा ले रही हैं।

बत्रा ने कहा, “जब तक हमारे सदस्य इकाई इसे मंजूरी नहीं देते तब तक वे ‘भारत’ शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकते। इसके लिए आपको आईओए और सरकार से अनुमति लेनी होगी, तभी आप उस शब्द का इस्तेमाल कर सकते हैं। भारतीय पासपोर्ट वाले कुछ लोग भारत के रूप में वहां जाते हैं और खेलते हैं। लेकिन मैं पाकिस्तान के बारे में कुछ नहीं कह सकता, यह मेरे अधिकार से बाहर है।”

विदेश में होने वाले टूर्नामेंटों में भाग लेने के लिए राष्ट्रीय महासंघों को खेल मंत्रालय से इजाजत लेने की जरूरत होती है। खेल मंत्रालय फिर इसके लिए गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से अनुमति मांगता है।

इस बीच, एकेएफआई के प्रशासक जस्टिस (रिटायर्ड हर्ट) एसपी गर्ग ने कहा है कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है कि कोई टीम पाकिस्तान गई है।

उन्होंने एक बयान में कहा, “किसी भी टीम ने पाकिस्तान जाने और वहां कबड्डी मैच खेलने के लिए एकेएफआई से अनुमति नहीं ली है। एकेएफआई ऐसे कामों के लिए समर्थन नहीं करता है। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।”

इस बीच, पंजाब के खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने कहा है कि पाकिस्तान दौरे पर जाने वाली टीम का पंजाब सरकार से कोई लेना देना नहीं है।

उन्होंने कहा कि वह खुद चाहते हैं कि इस मामले की पूरी जांच हो क्योंकि अगर पंजाब कबड्डी संघ कह रहा रहा है कि उसने पाकिस्तान कबड्डी महासंघ के बुलावे पर अपनी टीम पाकिस्तान भेजी है तो फिर उसे इसकी इजाजत कैसे मिली और खिलाड़ियों तथा अधिकारियों को वीजा कहां से मिला।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleबिहार में 1.20 करोड़ किसानों को बैंक खाते में मिल रही राशि : सुशील मोदी
Next articleबॉलीवुड के POWER COUPLE से जमकर मुकाबला करती है डिजीटल प्लेटफॉर्म की ये जोड़िया
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here