आस्ट्रेलिया में जीत सकती है भारतीय टीम : सचिन तेंदुलकर

0
70

भारत के लिए आस्ट्रेलिया का दौरा हमेशा से मुश्किल भरा रहा है, लेकिन पूर्व बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का कहना है कि मौजूदा भारतीय टीम में आस्ट्रेलिया में जीत हासिल करने का माद्दा है। सचिन के मुताबिक मौजूदा आस्ट्रेलियाई टीम में योग्यता और अनुभव की कमी है, लेकिन विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम को मेजबानों को मात देने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना होगा।

सचिन ने गुरुवार को समाचार चैनल सीएनएन-न्यूज18 से कहा, “हमारे वहां जीतने की काफी संभावना है। अगर आप अतीत की आस्ट्रेलियाई टीम को देखें और उसकी तुलना मौजूदा टीम से करें तो हमारा पलड़ा भारी नजर आता है। शायद हमारे लिए वहां जा कर जीतने का यह सर्वश्रेष्ठ मौका है। मेरा कहना है कि वह टीम इस समय उच्च स्तर की क्रिकेट नहीं खेल रही है। मुझे लगता है कि अतीत में उनकी टीमें काफी अच्छी थीं।”

उन्होंने कहा, “उनके पास पहले अच्छे अनुभवी खिलाड़ी थे और यह टीम गैरअनुभवी है। यह टीम अपने आप को एकजुट करने की कोशिश कर रही है और एक अच्छी टीम बनने के प्रयास में है। लेकिन, आस्ट्रेलियाई टीम अपनी प्रतिद्वंद्विता के लिए जानी जाती है। अगर वह अच्छा मुकाबला करें तो मुझे हैरानी नहीं होगी। वहां जाना और उन्हें चुनौती देना आसान नहीं है।”

पूर्व कप्तान ने कहा, “वहां जा कर उन्हें चुनौती देने के लिए हमारे अंदर आग होनी चाहिए। हमारे पास अच्छे तेज गेंदबाज और स्पिनर हैं। हमारे पास अच्छे बल्लेबाज भी हैं। आप टेस्ट मैच तब जीतते हैं जब आप काफी सारे रन बनाते हैं।”

सचिन ने कहा कि कोहली की कप्तानी शैली और उनकी मौजूदा फॉर्म टीम को मजबूती देगी।

सचिन ने कहा, “मुझे लगता है कि यह उनकी भूख है.. उनकी मानसिक मजबूती है। उनमें स्थिति को परखने की अच्छी काबिलियत है क्योंकि इसके लिए कोई सेट फॉर्मूला नहीं है। हर दिन आपके सामने कई नई चुनौतियां आती हैं और आपके दिमाग में उनसे तालमेल बिठाने की काबिलियत होनी चाहिए। कोहली इसमें माहिर हैं। उनमें सबसे अच्छी बात यह है कि उनके अंदर भूख है। बल्लेबाज को ऐसा ही होना चाहिए।”

सचिन ने हाल ही में टी-20 टीम से बाहर किए गए पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के भविष्य के बारे में भी बात की।

सचिन ने कहा, “मैं कभी कोई फैसला नहीं सुनाता। पहले भी मैंने कभी इस तरह की बातें नहीं की कि चयनकर्ताओं को क्या करना चाहिए। धोनी क्रिकेट के सभी प्रारूप में हमेशा से खतरनाक खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने इतने वर्षो में इसकी जिम्मेदारी भी ली है। मुझे हमेशा से लगता है कि जो खिलाड़ी इतने लंबे समय तक खेलता है, उसे पता होता है कि उसे क्या करने की जरूरत है।”

उन्होंने कहा, “मैं भी उस स्थिति में रहा हूं। मैं जानता था कि मुझे क्या करने की जरूरत है। आप ड्रेसिंग रूम में बैठते हैं और अपने दोस्तों से विचार करते हैं। अपने कोच से कई चीजों पर चर्चा करते हैं और आप काफी हद तक जानते हैं कि आपको क्या करना है। मेरा मानना है कि धोनी बहुत अच्छे से जानते हैं कि क्या चल रहा है और उतने ही ठोस तरीके से जानते हैं कि क्या करने की जरूरत है।”

न्यूज स्त्रेात आईएएनएस


SHARE
Previous articleदीपावली का त्योहार मनाने के इन 14 कारणों को आप भी जरुर जानें
Next articleभारत के 5 सबसे अमीर राज्य, 3 नंबर का नाम जानकर हैरान हो जाओगे
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here