Indian Army ने मोबाइल मैसेजिंग ऐप विकसित किया

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भारतीय सेना ने खुद के प्रयोग के लिए एक इंड टू इंड इनक्रिप्शन मैसेजिंग एप्लिकेशन विकसित किया है। इस वर्ष, सेना ने सुरक्षा कारणों से 89 ऐप को प्रतिबंधित कर दिया था। सैन्यकर्मियों को फेसबुक, ट्रकॉलर, इंस्टाग्राम और पबजी जैसे गेम्स को मोबाइल से हटाने के लिए कहा गया था।

गुरुवार को, भारतीय सेना ने एक बयान में कहा कि आत्मनिर्भर भारत के तहत, सेना ने एक सामान्य और सुरक्षित ऐप विकसित किया है, जिसका नाम ‘सिक्योर एप्लिेकशन फॉर इंटरनेट (एसएआई) रखा गया है।’

एप्लिेकशन इंटरनेट पर एंड्राइड प्लेटफार्म में इंड टू इंड सुरक्षित व्वॉइस, टेक्स्ट और वीडियो कॉलिंग सेवा को सपोर्ट करता है।

यह एप वाट्सअप, टेलीग्राम, संवाद और जीम्स की तरह ही है और यह इंड-टू-इंड इनक्रिप्शन मैसेजिंग प्रोटोकोल का पालन करता है।

एप्लिकेशन की कार्यक्षमता की समीक्षा करने के बाद, रक्षामंत्री राजनाथ सिह ने एप्लिेकशन डवलप करने के लिए कर्नल साईं शंकर की उनकी कौशल और प्रतिभा के लिए तारीफ की थी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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