चीन के खिलाफ कड़ी परीक्षा के लिए तैयार भारत

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अगले वर्ष जनवरी में होने वाले एशियन कप की तैयारियों में जुटी भारतीय फुटबाल टीम की शनिवार को यहां सूझोऊ ओलम्पिक स्पोर्ट्स सेंटर स्टेडियम में चीन के खिलाफ कड़ी परीक्षा होगी। भारत को 2019 में संयुक्त अरब अमीरात (युएई) में एशियन कप में हिस्सा लेना है। भारत फीफा रैंकिंग में अभी 97वें पायदान पर मौजूद है जबकि चीन उससे 21 पायदान ऊपर है।

चीन की सरजमीं पर भारत की सीनियर फुटबाल टीम पहली बार कोई मुकाबला खेलेगी और कोच स्टीफन कांस्टेनटाइन के पास इसके जरिए अपनी टीम का आकलन करने का अच्छा मौका होगा। वह अपने शीर्ष खिलाड़ियों को इस मैच में मौका देना चाहेंगे।

अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) ने कांस्टेनटाइन के हवाले से बताया, “जाहिर तौर पर चीन एक मजबूत टीम है। वह बॉल पजेशन रखकर फुटबाल खेलते हैं और आक्रमण करने पर विश्वास करते हैं। यह हमारे लिए मुश्किल मैच होगा लेकिन इन मुकाबलों में दबाव में खेलना होगा।”

कांस्टेनटाइन ने कहा, “लड़के एशियन कप में जाना चाहते हैं। वे टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए खेलना चाहेंगे। हम हार नहीं मानेंगे और जीत दर्ज करने की कोशिश करेंगे। मैच हमारे लिए मुश्किल होगा लेकिन हमारा उद्देश्य हमेशा जीतने की कोशिश करना रहा है। अगर हम जीत दर्ज करने में कामयाब नहीं हो पाते तो इस मैच से सकारात्मक चीजें ढूंढने की कोशिश करेंगे।”

भारतीय टीम ने 2015 के बाद से काफी सुधार किया है और रैंकिंग में 171वें स्थान से ऊपर उठकर शीर्ष 100 में जगह बनाई है। हालांकि, एशिया महाद्वीप में अपनी हैसियत बनाने के लिए भारतीय टीम को चीन जैसे पावरहाउस को मात देनी होगी।

इस दोस्ताना मुकाबले के लिए सुनील छेत्री की जगह अनुभवी डिफेंडर संदेश झिंगन को टीम का कप्तान बनाया गया है। झिंगन लंबे समय से भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं और डिफेंस में अहम भूमिका निभाई है।

कांस्टेनटाइन ने कहा, “मैं समझता हूं कि कप्तान को कोच की स्थिति को दर्शाना चाहिए। संदेश पहली बार मेरे लिए चार साल पहले खेले थे और वह एक योद्धा एवं सेनापति हैं। वह मैदान पर हमेशा अपना 100 प्रतिशत देते हैं।”

झिंगन ने इस सम्मान के लिए कोच को धन्यवाद देते हुए कहा, “मुझे यह जिम्मेदारी देने के लिए कोच का धन्यवाद। एक भारतीय होने के कारण देश का प्रतिनिधित्व करना मेरा सपना था। मैं इस खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर सकता।”

टीम के नए कप्तान के अलावा सुनील छेत्री, जेजे लालपेखलुआ और गुरप्रीत सिंह संधू पर भी चीन के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन कर दबाव होगा।

झिंगन ने कहा, “छेत्री, गुरप्रीत और जेजे के टीम में होने से मेरा काम आसान हो जाता है। हम लक्ष्य को पाने के लिए एकसाथ काम कर रहे हैं। चीन के खिलाफ भी अपनी योजना के अनुरूप कार्य करते हुए मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे और नतीजे हमारे पक्ष में आएंगे।”

दूसरी ओर, चीन का हाल का प्रदर्शन खराब रहा है। मेजबान टीम को सितंबर में कतर ने 1-0 से मात दी जबकि बहरीन के खिलाफ उन्हें गोलरहित ड्रॉ खेलने पर मजबूर होना पड़ा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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