भारत में अब 700 से अधिक वाणिज्यिक विमान हैं : DGCA

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भारत का नागरिक उड्डयन क्षेत्र, जिसके संचालन पर कोविड-19 महामारी की वजह से काफी विपरीत प्रभावित पड़ा है, उसने वर्ष 2020 के दौरान अपने बेड़े में 20 से अधिक विमान जोड़े हैं।

महामारी के बीच यह एक पुनरुद्धार का संकेत माना जा सकता है और साथ ही इससे एयरलाइंस इंडस्ट्री की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पोटेंशियल भी झलकती है।

देश की घरेलू एयरलाइनों ने पिछले साल 21 विमानों के साथ अपने बेड़े में वृद्धि की, जिसके बाद नागरिक उड्डयन क्षेत्र के पास विमानों की कुल संख्या 700 का आंकड़ा पार कर गई है।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के महानिदेशक अरुण कुमार ने आईएएनएस के साथ बातचीत करते हुए कहा, महामारी के बावजूद, घरेलू एयरलाइंस ने अपने बेड़े में नए विमान शामिल किए हैं। पिछले वर्ष के अंत तक देश के कुल वाणिज्यिक विमान बेड़े की संख्या 716 तक पहुंच गई है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत में 2020 की शुरूआत में 695 विमान थे। इससे पिछले साल, 73 विमानों को जोड़ा गया था, जबकि 52 विमानों को एयरलाइनों द्वारा पट्टा देने वालों को वापस भेज दिया गया था।

हाल ही में केंद्र ने भारत में विमान पट्टे पर देने के व्यवसाय को अधिसूचित किया है।

हालांकि क्षमता में बेशक वृद्धि हुई हो, मगर वर्तमान में घरेलू एयरलाइंस प्रति-कोविड उड़ान क्षमता का 80 प्रतिशत तक ही तैनात कर सकती हैं। एक बार प्रति-कोविड हवाई यात्री यातायात स्तर प्राप्त करने के बाद इस प्रतिबंध को रद्द किया जाना तय है।

घरेलू यातायात के मोर्चे पर, कुमार ने कहा, हम हवाई यात्रा में वृद्धि पैटर्न देख रहे हैं, लेकिन ये रुझान एकरूप नहीं हैं। ऐसा लगता है कि लगातार वृद्धि की प्रवृत्ति के लिए कुछ और समय की आवश्यकता है। फिर भी, हम एक क्रमिक विकास देख रहे हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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