आजादी के 72 साल: देश की कुंडली के योग को जाने ज्योतिष शास्त्र के अनुसार

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जयपुर। इस 15 अगस्त 2018 को भारत आजादी के 72 साल में प्रवेश करने जा रहा है। इन 72 साल में देश में कई बदलाव आये। इन बदलावों में देश आधुनिकता की ओर आगे बढता रहा। जिस प्रकार कोई बच्चा जन्म लेता है तो उसके जन्म के समय से उसके ग्रहों की दशा को देख कर उसके  भविष्य को आंका जाता है, ठीक उसी प्रकार किसी भी देश का भविष्य उसकी स्वतंत्रता प्राप्ति की तिथि के समय ग्रहों की स्थिति से आंका जाता है। आज इस लेख में हम देश की कुड़ली के बारे में बता रहें हैं।

स्वत्रंत भारत का भविष्यफल भी ज्योतिषीय आधार पर 15 अगस्त 1947 की रात 23 बजकर 59 मिनट  नई दिल्ली के अनुसार ही देखा जाता है। इसके आधार पर देश की कुंडली भी बनाई जाती है।

अगर हम अंकों के आधार पर देश के भविष्यफल का आंकलन कर तो 15-8- 1947 के अंकों का योग  8 आता है अंक शास्त्र में 8 का अंक  शनि ग्रह का प्रतीक या परिचायक है। भारत के लिए शनि ग्रह  एक निर्णायक तथा मुख्य ग्रह की तरह है जो देश के भविष्य में मेन भूमिका निभाएंगे।

 

इसके साथ ही शनि का संबंध देश के नेतृत्व, राजनीति, सत्ता परिवर्तन, लोहा, कैमीकल, चिकित्सा, दवाई, विवाद, बीमारी,  रियल एस्टेट, कोयला, जमीन, जायदाद, कृषि, आकाश , स्पेस आदि से होता है।

 

देश में शनि का शुभ व अशुभ दोनो प्रभाव हमेशा देखने को मिलेगा। देश की राजनीति में शनि के कारण हमेशा ही उथल पुथल मची रहती है। भारत की आजादी के समय अंक शास्त्र के अनुसार शनि ग्रह मेन है। क्योकि अंक शास्त्र के अनुसार योग 8 बन रहा है।

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