भारत-पाकिस्तान व्यापार कर सकता है तो क्रिकेट क्यों नहीं खेल सकता’

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पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर का मानना है कि भारत और पाकिस्तान को फिर से द्विपक्षीय क्रिकेट संबंध शुरू करने चाहिए। उन्होंने साथ ही कहा कि जब दोनों देशों के बीच जब अन्य खेल खेले जा सकते हैं और व्यापारिक संबंध जारी रह सकते हैं तो फिर क्रिकेट क्यों नहीं। अख्तर ने अपने यूट्यूब चैनल पर दो एशियाई देशों के बीच क्रिकेट मैचों को आयोजित ना कराने पर हितधारकों की भी आलोचना की और कहा कि दोनों देशों के बीच जब बिना किसी परेशानी के अन्य खेल हो सकते हैं तो फिर क्रिकेट क्यों नहीं।

अख्तर ने सवालिया अंदाज में कहा, “हम डेविस कप खेल सकते हैं, हम एक-दूसरे के साथ कबड्डी खेल सकते हैं तो फिर क्रिकेट में क्या गलत है? अगर आप संबंधों को तोड़ना चाहते हैं तो फिर आप व्यापार भी रोकिए, कबड्डी भी खेलना रोकिए। केवल क्रिकेट ही क्यों? जब भी क्रिकेट की बात आती है तो हम इसे राजनीतिक रूप दे देते हैं। यह बेहद निराशाजनक है। हम टमाटर-प्याज खा सकते हैं, उसका बिजनेस कर सकते हैं तो फिर क्रिकेट क्यों नहीं खेल सकते?।”

रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर अख्तर ने भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय सीरीज को किसी तटस्थ स्थान पर आयोजित कराने का सुझाव दिया।

उन्होंने कहा, “मैं समझ सकता हूं कि भारत पाकिस्तान नहीं आ सकता और पाकिस्तान भारत नहीं जा सकता। लेकिन किसी तटस्थ स्थान पर एशिया कप खेलते हैं, चैंपियंस ट्रॉफी खेलते हैं तो हम द्विपक्षीय सीरीज क्यों नहीं खेल सकते। मेजबानी के लिए हम दुनिया के सर्वश्रेष्ठ देशों में शुमार हैं। भारत यह खुद देख चुका है।”

अख्तर ने आगे कहा, “वीरेंद्र सहवाग, सौरभ गांगुली और सचिन तेंदुलकर से पूछिए हम लोग उनसे कितना प्यार करते हैं। दो देशों के बीच मनमुटाव का असर क्रिकेट पर नहीं पड़ना चाहिए। उम्मीद है कि भारत और पाकिस्तान जल्द ही द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज खेल सकते हैं।”

पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा, “पाकिस्तान दौरा करने के लिए बहुत सुरक्षित जगह है। भारत की कबड्डी टीम यहां आई और उन्हें खूब सारा प्यार मिला। बांग्लादेश टेस्ट खेलने के लिए यहां आ चुकी है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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