गर्भावस्था में बढ़ता हर्निया का खतरा, आप इन लक्षणों को पहचान कर करें खुद का बचाव

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जयपुर।गर्भावस्था में गर्भवती महिला को अपनी सेहत का खास ख्याल रखना आवश्यक है।क्यों कि इस समय गर्भवती महिला को खुद को और आने वाले बच्चेी को कई गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए सेहतमंद बने रहन आवश्यक होता है।वहीं गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलाओं की इम्यूनिटी क्षमता काफी कमजोर होने लगती है जिससे कई प्रकार के रोगो का खतरा बढ़ जाता है।

ऐसे में गर्भावस्था के दौरान हर्निया का खतरा अधिक रहता है।हमारे शरीर में होने वाली हर्निया की समस्या तब होती है जब शरीर के एक आंतरिक अंग का एक हिस्सा मांसपेशी या ऊतक में किसी छेद के माध्यम से अंदर का अंग उभरकर बाहर आने लगें।हर्निया की समस्या अधिकत्तर पेट और कमर के आसपास होती है।

गर्भावस्था के दौरान हर्निया पेट के बढ़ते मोटापे ,एक से अधिक गर्भधारण करने और परिवार में किसी सदस्य में इस बीमारी के होने के कारण इसकी संभावनाएं अधिक बढ़ जाती है।ऐसे में आप हर्निया की बीमारी से बचने के लिए गर्भावस्था के दौरान होने वाल हर्निया के लक्षणों को पहचान कर अपना बचाव और इलाज करवा सकती है।

गर्भावस्था के दौरान पेट के आस—पास उभार या गांठ का बनाना, लगातार मतली और उल्टीे के साथ पेट में तेज दर्द, मल त्याचग में परेशानी और हंसते या खांसते समय दर्द महसूस होना हर्निया के प्रमुख लक्षण देखे जा सकते है।गर्भावस्था के दौरान हर्निया के इलाज के लिए डॉक्टर सर्जरी या पेट पर बेल्ट पहनने की सलाह देते है।

बेल्ट से हमारे पेट को सहारा मिलता है जिससे पेट का उभार कम होता है।आप शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए गर्भावस्था में हल्की एक्सरसाइज का अभ्यास अवश्य करें।

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