madhya pradesh में गौशालाओं को दान देने पर आयकर में छूट

0

मध्य प्रदेश में गौशालाओं को दान करने वालों को आयकर से छूट मिलेगी। शर्त यह है कि गौषाला पंजीकृत हेाना चाहिए। पशु चिकित्सा विभाग से मिली जानकारी में बताया गया है कि गौ-रक्षा एवं गौ-संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा पंजीकृत गौ-पालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड को दी जाने वाली दान राशि को आयुक्त आयकर विभाग भारत शासन द्वारा आयकर में छूट प्रदान की गई है। इसके तहत पंजीकृत गौ-शालाओं को दी जाने वाली दान राशि भी आयकर मुक्त होगी।

राज्य सरकार ने गौशालाओं को दान देने वालों के लिए एक पोर्टल भी बनाया है, जिसके माध्यम से गौ-शालाओं को चारे, पानी, शेड एवं अन्य कार्यों के लिए दान दिया जा सकता है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleUdit Narayan Birthday : इन गानों ने बदला उदित नारायण का करियर, 90 के दशक में लिया राज
Next articleअमेज़ॅन एलेक्सा क्या है, यह कैसे और क्या काम करता है? सभी सवालों के जवाब जानें
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here