आयकर विभाग ने ‘संदिग्ध’ सौदों पर डीएचएफएल से स्पष्टीकरण मांगा

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आयकर विभाग ने कर्ज से लदी एनबीएफसी (गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी) दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन लि. (डीएचएफएल) को नोटिस भेजकर उसके बही-खाते मांगे हैं और ‘अस्पष्ट लेन-देन’ को स्पष्ट करने को कहा है, जबकि कंपनी ने इससे इनकार करते हुए कहा है कि ‘किसी भी प्रकार के संदिग्ध लेन-देन’ का कोई संदर्भ नहीं है। सूत्रों का कहना है कि विभाग के मुंबई आयकर कार्याय को कई ‘संदिग्ध लेन-देन’ की जानकारी मिली है और उसने डीएचएफएल को स्पष्टीकरण देने को कहा है। लेकिन कंपनी ने नियामकीय फाइलिंग में कहा, “यह नोटिस किसी संदिग्ध लेन-देन का उल्लेख नहीं करता है। इसके अलावा, हमारी जानकारी के मुताबिक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (विनिमयन और प्रकटीकरण जरूरतें) कानून, 2015 के तहत कोई भी अन्य मूल्य को लेकर संवेदनशील जानकारी नहीं है, जिससे कंपनी के शेयरों की कीमतों पर प्रभाव पड़े।”

सोमवार को डीएचएफएल ने शेयर बाजारों को सूचित किया था कि आयकर विभाग के अनुसंधान खंड ने कंपनी को नोटिस भेजा है और कंपनी के खाते के कुछ पहलुओं को लेकर जानकारी/सबूत मांगे हैं।

एनबीएफसी ने कहा कि वह संबंधित जानकारी को इकट्ठा कर रहा है और नियत समय में उसे नियामक विभाग के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।

कंपनी की जांच समाचार पोर्टल कोबरापोस्ट की जनवरी में प्रकाशित रिपोर्ट के बाद शुरू हुई है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि डीएचएफएल ने शेल (फर्जी) कंपनियों को कर्ज और अग्रिम राशि देकर 31,000 करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन का गबन किया और उससे खुद के लिए निजी संपत्ति बनाई।

डीएचएफएल ने इन आरोपों की जांच के लिए 31 जनवरी को स्वतंत्र चार्टड एकाउंटेसी फर्म को नियुक्त किया था।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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