अयोध्या फैसले के मद्देनजर अंबेडकरनगर के कॉलेजों में बनी 8 अस्थायी जेल

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अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के आने वाले फैसले को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। अयोध्या और आस-पास के जिलों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अयोध्या के पड़ोसी जिले अंबेडकरनगर के विभिन्न कॉलेजों में 8 अस्थायी जेल बनाई गई हैं। अंबेडकरनगर जिला अयोध्या और फैजाबाद से सटा हुआ है। लिहाजा, अगर फैसले के बाद कोई अप्रिय स्थिति बनती है तो उपद्रवी तत्वों को इन जेलों में रखा जाएगा। अकबरपुर थानाक्षेत्र में तीन अस्थायी जेल, टांडा, जलालपुर, जैतपुर, भीटी और आलापुर थानाक्षेत्र में एक-एक अस्थायी जेल बनाई गई है।

प्रदेश के सभी जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। इतना ही नहीं, अयोध्या को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात है। इसके साथ ही जिला प्रसाशन लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की बात भी कह रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने नेताओं और मंत्रियों से अयोध्या विवाद पर बयानबाजी न करने की सलाह दी है।

एसएसपी ने बताया कि 10 हजार से ज्यादा व्हाट्सएप ग्रुपों पर नजर रखी जा रही है। इसमें जो लोग शामिल हैं, उनमें से कुछ के नंबर सर्विलांस पर लिए गए हैं।

अयोध्या आने वाले सभी रास्तों पर पुलिस तलाशी अभियान चला रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यूपी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अर्धसैनिक बलों की 15 कंपनियों को भेजने की मंजूरी दी है। केंद्रीय बल के करीब 4000 जवान 18 नवंबर तक यहां तैनात रहेंगे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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