मुंबई मे हिग्स बोसान रहस्योद्घाटन में पता चला की खोज गया कण कोई ईश्वर कण नहीं है

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जयपुर। ब्रिटिश भौतिक विज्ञानी स्टीफन हॉकिंग ने दावा किया था कि हिग्स बोनस  कभी नहीं मिलेगा। इस कण को आम भाषा में ईश्वरिय कण कहते है। लेकिन इनको गलत साबित करते हुये लार्ज हेड्रान कोलाइडर ने  हिग्स बोसान को खोज निकाला है।  इसकी सब मान चुके थे कि वाकई में इंसान ने ईश्वरय कण को पा लिया है। लेकिन इसके उपर कई शोध करके देखा तो पाया कि वो कोई ईश्वर कण नहीं है यह आम कण की तरह ही कण है। और इसको ईश्वर कण नहीं माना गया और कोलाइडर असफल हो गये। इस इस असफलता के बाद हॉकिंग आपनी हारी हुई शर्त जीत चुके है।

आपको बता दे कि हिग्स बोनस  जिसे शुरुवाती ब्रह्माण्ड मे भारी कणो के द्रव्यमान के लिए उत्तरदायी माना जाता है।  हाकिंग के इस दावे ने भौतिक विज्ञान के क्षेत्र मे बहुत ही बड़ी हलचल मचा दी थी। स्काटिश वैज्ञानिक पीटर हिग्स ने इसे निजी चुनौती के रूप से लिया क्योंकि यह कण उन्ही के नाम पर है। भौतिक वैज्ञानीक मानते है कि हिग्स बोसान का आस्तित्व है तथा इसका प्रायोगिक सत्यापन एक औपचारिकता मात्र है। यह औपचारिकता लार्ज हेड्रान कोलाइडर(LHC) को चलाने के पश्चात पूरी हो जायेगी और हिग्स बोसान खोज लिया जायेगा।

स्टीफ़न हाकिंग विवादास्पद और धारा के विपरीत विचारो के लिए जाने जाते है और इनका यह दावा भी उन्ही प्रयासो मे से एक है और दावा था कि हिग्स बोसान कभी नही पाया जायेगा है। इस पर CERN के वैज्ञानिको के अनुसार LHC ने 145 से 466 खरब इलेक्ट्रान वोल्ट की ऊर्जा स्तर पर प्रयोग किये थे तो इस पर उन्होंने कहा कि हिग्स बोसान के आस्तित्व के नही होने की संभावना 95%  बताई है। हिग्स बोसान की जानकारी दे दे कि इसकी खोज एक सांख्यीकीय खोज है , जिसमे एक ऐसे कण को खोजना होता है,

जो LHC के अंदर अत्यंत उच्च ऊर्जा पर प्रोटानो के टकराव से उत्पन्न हो सकता है और इस खोज मे इस टकराव से उत्पन्न कणो की ऊर्जा , कणो की दिशा की जांच के अतिरिक्त इन कणो के हिग्स बोसान कण के क्षय से उत्पन्न होने की संभावना जैसे कारको का ध्यान रखना होता है। तो इस तरह से एक ईश्वरीय कण मिलने की संभवाना वैज्ञानिकों को लगती है। भविष्य इसकी खोज होगी या नहीं लेकिन फिहलाल इसको इन तकनीको से खोज कर निकाला असंभव है।

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