रक्षा उत्पादों के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर ही नहीं, निर्यातक भी बनेगा :Yogi

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के कारोबारियों से कहा कि “आपके हर सुझाव का हम स्वागत करते हैं। डिफेंस कॉरिडोर के लिए हम देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में शुमार आईआईटी-कानपुर और अन्य ऐसी संस्थाओं से सलाह भी ले रहे हैं।” उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि सभी के प्रयास से रक्षा उत्पादों के क्षेत्र में शीघ्र ही भारत आत्मनिर्भर ही नहीं, निर्यातक भी बनेगा। यह प्रधानमंत्री के एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार करने जैसा होगा।

मुख्यमंत्री योगी यह बात बुधवार को मुंबई के एक निजी होटल में डिफेंस कॉरिडोर से जुड़े कारोबारियों से मुलाकात के दौरान कही। उन्होंने कहा, “डिफेंस एक्सपो से हमें काफी उम्मीदें हैं। आप लोगों ने जो हौसला और उत्साह दिखाया है, उससे हम लोगों का भी हौसला बढ़ा है। डिफेंस कॉरिडोर में छह नोड झांसी, चित्रकूट, अलीगढ़, आगरा, कानपुर और लखनऊ हैं। हर नोड में पर्याप्त जमीनें हैं। सभी नोड को हम आने वाले समय में एक्सप्रेसवे से जोड़ देंगे।”

इस दौरान डिफेंस उत्पादों के कारोबारियों ने अपने कई अहम सुझाव भी दिए। साथ ही इस बारे में सरकार की ओर से किए जा कार्यो की सराहना भी की।

कारोबारियों का स्वागत यूपीडा के चेयरमैन अवनीश कुमार अवस्थी ने किया। उन्होंने कारोबारियों से परिचय भी कराया। साथ ही ‘इन्वेस्ट यूपी’ के एडिशनल सीईओ मुत्थू कुमारस्वामी ने कारोबारियों का आभार जताया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतीश महाना, सिद्धार्थ नाथ सिंह, आशुतोष टंडन और आईआईडीसी आलोक टंडन आदि भी मौजूद थे।

उन्होंने कहा, “2018 में जब यूपी का पहला इन्वेस्टर समिट हुआ था, तब जो निवेश प्रदेश में हुआ था, उसके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश में डिफेंस मैन्यूफैक्च रिंग कॉरिडोर की घोषणा की थी। यूपी में डिफेंस कॉरिडोर के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं, क्योंकि हमारे पास टेक्नॉलोजी और नॉलेज के लिए बेहतर पार्टनर के रूप में आईआईटी-कानपुर और आईआईटी-बीएचयू है।”

योगी ने कहा, “देश में एमसएसएमई की सबसे बड़ी यूनिट्स यूपी में ही हैं। कोरोना काल के दौरान हम लोगों ने प्रदेश में साढ़े 10 लाख से अधिक एमएसएमई यूनिटों को बैंकों के साथ जोड़ने की सफलता प्राप्त की है। रोजगार की व्यापक संभावनाओं को आगे बढ़ाया है। एक्सप्रेसवे का इंफ्रास्ट्रक्च र प्रदेश में क्रिएट हुआ है और हो रहा है, वह प्रदेश की इंफ्रास्ट्रक्च र डेवलपमेंट के लिए बड़ी उपलब्धि है।”

नयूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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