सीबीएसई 12वीं में लखनऊ की दिव्यांशी 100 फीसदी अंक लाकर बनी टॉपर

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सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की 12वीं की परीक्षा में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की दिव्यांशी जैन का परिणाम शत-प्रतिशत रहा। इसी तरह शहर के इंदिरा नगर स्थित रानी लक्ष्मी बाई स्कूल (आरएलबी) की श्रेया श्रीवास्तव व यश राज सिंह राठौर ने 97.8 प्रतिशत अंक हासिल कर शहर का मान बढ़ाया। दिव्यांशी ने कहा कि उसने अभी यह तय नहीं किया है कि भविष्य में क्या बनना है। लेकिन इतिहास के क्षेत्र में कुछ करना है। सबसे ज्यादा नंबर आने पर वह आश्चर्यचकित है। दिव्यांशी ने सफलता का श्रेय अपनी बड़ी बहन को दिया है।

नवयुग रेडियंस स्कूल की छात्रा दिव्यांशी की इस सफलता के बाद स्कूल से लेकर आस-पड़ोस और परिचित रिश्तेदारों में बधाई देने की होड़ लग गई। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं परीक्षा में दिव्यांशी जैन ने 600 में से 600 नंबर हासिल करके इतिहास रच दिया है।

दिव्यांशी ने बिना कोचिंग की मदद लिए यह सफलता हासिल की। दिव्यांशी कहती है कि कड़ी मेहनत निश्चित तौर पर रंग लाती है। सफलता के लिए लगन और आत्मविश्वास बेहद जरूरी है।

वह रोजाना तीन से चार घंटे ही पढ़ाई करती है। उसका कहना है कि जितना समझ आए, उतना ही पढ़ने का लाभ है। उसकी मां सीमा जैन गृहिणी हैं और पिता व्यवसायी हैं।

बोर्ड परीक्षा में दिव्यांशी को अंग्रेजी में 100, संस्कृत में 100, इतिहास में 100, भूगोल में 100, इश्योरेंस में 100 और इकोनॉमिक्स में 100 अंक आए। हाईस्कूल में दिव्यांशी को 97.6 प्रतिशत अंक हासिल हुए थे।

लखनऊ के आरएलबी की छात्रा श्रेया श्रीवास्तव ने 97.8 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। उसने कहा कि वह भारतीय अर्थव्यवस्था पर आगे कैरियर बनाना चाहती है। उसे रोजाना तीन से चार घंटे की पढ़ाई से सफलता मिली है। उसे अंग्रेजी में 100 प्रतिशत अंक मिले हैं। इसका श्रेय उसने गुरुजनों और माता-पिता को दिया है। आरएलबी की ही आस्था त्रिपाठी और समीर ने 97.4 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12वीं में सफलता पाने वाले सभी बच्चों को बधाई दी है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “प्यारे बच्चो, सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा में सफल आप सभी को बधाई। यह परीक्षाफल आपकी अध्ययनशीलता, लगन और परिश्रम का प्रतिफल है। अपनी प्रतिभा और ज्ञान से भारत का मान बढ़ाएं। जीवन की प्रत्येक परीक्षा में सफलता आपका वरण करे, मेरी शुभकामनाएं।”

सोमवार को घोषित सीबीएसई की 12वीं कक्षा का परिणाम इस साल 88.78 फीसदी रहा।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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