क्लास में टीचर ने सभी स्टूडेंट्स को पिलाई सिगरेट, वजह कर देगी हैरान

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दोस्तों, क्या आपने कभी सोचा है कि किसी क्लास में कोई टीचर अपने ही स्टूडेंट को सिगरेट पिलाए, नहीं ना, मगर आज हम आपको एक ऐसी स्कूल और उसके एक टीचर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने अपने स्टूडेंट को चलती क्लास में सिगरेट पिलाई । मगर इस टीचर ने ऐसा कयों किया इसके बारे में किसी को भी पता नहीं ।

दरअसल, यह पूरा मामला Agricultural University का है जहां पर स्टूडेंट्स क्लासरूम में सिगरेट पी रहे हैं । आपको बता दें कि इस तस्वीर के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद में हडकंप मच गया । मगर इस यूर्निव​सिटी के प्राधानाचार्य ने इसके बारे में जो जानकारी दी उसके बारे में जानकर आप भी चौेंक जाएंगे ।

दरअसल, इस यूनिवर्सिटी के डीन ने जवाब देते हुए कहा कि, ये तस्वीरें तंबाकू विषय पर ली जा रही क्लास की हैं जिसमें क्लास टीचर अलग-अलग ब्रांड्स की सिगरेट्स लाकर स्टूडेंट्स के सामने रख देते हैं और उन्हें सिगरेट्स ट्राई करने के लिए कहा जाता है । जिसमें स्टूडेंट को सिगरेट पीना अनिवार्य होता हैं ​। इस कारण इस तस्वीर का कोई अलग मतलब नहीं निकाला जाए ।

 


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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