Air Inadia में विनिवेश पर शनिवार को अहम बैठक

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एयर इंडिया में विनिवेश को देख रहे मंत्रियों के शीर्ष समूह की शनिवार को बैठक होने की संभावना है, जिसमें कर्ज के रिस्ट्रक्चर के साथ प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। ये मुख्य निर्णय ऐसे समय में आ सकते हैं जब विनिवेश की 31 अक्टूबर की समय सीमा तेजी से खत्म होने के करीब है।

गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एआईएसएएम (एयर इंडिया स्पेसिफिक ऑल्टरनेटिव मैकेनिज्म) की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शनिवार को आयोजित की जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल सहित अन्य इसमें भाग लेंगे।

सूत्रों के अनुसार, दिसंबर तक प्रारंभिक बोली या ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट’ (ईओआई) जमा करने की समय सीमा बढ़ा दी गई है।

एक और महत्वपूर्ण बदलाव जो एआईएसएएम की मंजूरी के लिए रखा जा सकता है, वह सौदे के वित्तीय ढांचे के संबंध में होगा, जिसमें बदलाव हो सकता है, विशेष रूप से एयरलाइन के कर्ज के संबंध में।

एयर इंडिया 2007 के बाद से सरकारी स्वामित्व वाली घरेलू ऑपरेटर इंडियन एयरलाइंस लिमिटेड के साथ विलय के बाद से घाटे में चल रही है, और तब से केंद्रीय संसाधनों पर दबाव डालते हुए सरकारी बजटीय सहायता पर उड़ान भर रही है।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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