अविलंब खुले educational institutions, छात्र संगठनों ने की मांग

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दिल्ली विश्वविद्यालय समेत विभिन्न विश्वविद्यालयों से जुड़े कई छात्र संगठन अब शिक्षण संस्थानों को फिर से खोले जाने के पक्ष में हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा, महिला एवं बाल, युवा तथा खेल मामले पर संसदीय स्थाई समिति के अध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे से मुलाकात की। अभाविप ने संसदीय स्थाई समिति के अध्यक्ष को तालाबंदी के पश्चात अब पुन: शिक्षण संस्थानों को खोलने संबंधी सुझाव दिए हैं।

छात्र संगठन ने इंटरमीडिएट तथा हाईस्कूल बैच के लिए परीक्षा से कम से कम 2 माह पूर्व प्रत्यक्ष रूप से विद्यालय में कक्षाएं संचालित करने का सुझाव दिया है। इसके अलावा छात्र संगठन ने ऑफलाइन पढ़ाने वाले शिक्षकों का प्रारंभिक चरण में ही कोविड वैक्सीनेशन, शिक्षकों तथा विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सक्षम करने हेतु डिजिटल माध्यमों से शिक्षण देने का भी सुझाव दिया है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्रयोगशालाएं तथा पुस्तकालयों को खोलने एवं ऑनलाइन माध्यम से शिक्षण को आसान बनाने हेतु उपलब्ध विकल्पों पर काम करते हुए शीघ्र क्रियान्वयन जैसे सुझाव भी दिए हैं।

अभाविप की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कहा, कई विश्वविद्यालयों तथा विभिन्न बोडरें के मानविकी विषयों के पाठ्यक्रमों में विसंगतियां लगातार देखने को मिल रही हैं। अभाविप की स्थानीय इकाइयों ने पाठ्यक्रमों की विसंगतियों को दूर करने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रयास भी किए हैं। हमने संसदीय स्थाई समिति से मानविकी तथा समाज विज्ञान आदि विषयों के पाठ्यक्रमों में व्यापक सुधार की मांग को रखा है। पाठ्यक्रमों में व्यापक संशोधन की हमारी लंबे समय से मांग रही है। हमने समिति के अध्यक्ष को तालाबंदी के उपरांत शिक्षण संस्थानों को धीरे-धीरे खोले जाने की मांग रखी है, जिससे महीनों से बंद पड़ी ऑफलाइन शिक्षा व्यवस्था शुरू की जा सके। हम आशा करते हैं कि हमारी मांगों तथा सुझावों पर सरकार शीघ्र कार्यवाही करेगी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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