आईएमडी ने कहा, पूरे देश में पहुंचा मॉनसून !

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दक्षिणपश्चिम मॉनसून ने पूरे देश में पहुंच गया है, जो निर्धारित तिथि से पहले हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। आईएमडी के क्षेत्रीय मौसम अनुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने आईएएनएस को बताया, “मॉनसून ने आज 26 जून, 2020 तक पूरे भारत को कवर कर लिया है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के शेष हिस्सों में भी मॉनसून छाया हुआ है।”

मॉनसून आमतौर पर जुलाई के पहले सप्ताह तक देश के सभी हिस्सों को कवर करता है, लेकिन इस बार अरब सागर के ऊपर चक्रवात निसर्ग के बनने और केरल में मॉनसून की शुरुआत होने और बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव वाले चक्रवात बनने के कारण इसने देश में मॉनसून को तेजी से आगे बढ़ने में मदद की।

राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार को मॉनसून की पहली बारिश हुई। आईएमडी ने इस साल की शुरुआत में अपने अनुमान में दिल्ली में 27 जून को मॉनसून पहुंचने की बात कही थी। 2019 में, मानसून ने 29 जून को राजधानी में दस्तक दी थी। पिछले कुछ वर्षों में, मानसून शहर में अपनी अपेक्षित तारीख से पहले आया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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