हादसे को न्योता! बिना लाइसेंस के धड़ल्ले से बिक रही है घरेलू गैस

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तमाम तरह की रोक लगाने के बावजूद भी घरेलू गैस के अवैध व्यापार को रोका नहीं जा सका है। हिमाचल सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में घरेलू गैस सिलिंडरों की गैरकानूनी खरीद फ़रोख़्त यूंही जारी है। हालांकि इस काले कारोबार का पर्दाफाश हो चुका है, फिर भी कुछ दुकानदार सरकारी आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए यह धंधा कर रहे हैं।

सारे नियमों को ताक में रखकर यह अवैध व्यापार किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात तो यह हैं कि ऐसे लोगों के पास न तो फायर एनओसी है और न ही इस तरह का कोई लाइसेंस। इस हिसाब से तो यह अवैध व्यापार किसी बड़े हादसो का न्योता दे रहा है। यही हाल पूरे भारत का है। हालांकि सरकारें कई अभियान चलाती हैं, लेकिन आपसी मिलीभगत के चलते इस तरह के कारोबारी सुरक्षा नियमों की अवहेलना करते हुए सिर्फ अपना उल्लू साधने में लगे हुए रहते हैं।

गौरतलब है कि एलपीजी गैस सिलेंडर की बिक्री के लिए संबंधित विभाग व गैस कंपनी की ओर से गैस एजेंसी अधिकृत विक्रेता के रूप में नियुक्त की जाती हैं। बिना किसी लाइसेंस के बड़े एलपीजी गैस सिलेंडर से छोटे सिलेंडरों में गैस भरना पूर्णतया गैरकानूनी प्रक्रिया है। कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र में ऐसे कई गैस माफिया  सक्रिय हैं, जो घऱेलू गैस का यह अवैध और असुरक्षित धंधा बड़े आराम से कर रहे हैं। हाल ही में कालाअंब पुलिस ने मोगीनंद स्थित एक परचूनी की दुकान पर छापा मारके अवैध सिलेंडर भरते हुए व्यक्तियों को पकड़ा था। इसके अलावा कार में घरेलू गैस सिलेंडर भऱने के अवैध कारोबार का भी पर्दाफाश किया गया था।

हालांकि समय-समय पर खाद्य आपूर्ति विभाग भी महज खानापूर्ति के लिये कुछएक दुकानों से गैस सिलेंडर जब्त कर लेता हैं और उन पर जुर्माना लगा देता है। लेकिन इस तरह की सरकारी छापेमारी के बावजूद भी गैस के अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। जानकारी के मुताबिक खुदरा दुकानदार 14 किलो 200 ग्राम के घरेलू रसोई गैस सिलेंडर से 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों को 100 से 125 रुपये प्रतिकिलो की दर से भरकर तगड़ा लाभ कमा रहे हैं। इस तरह से ज्यादातर भरे जाने वाले गैस सिलेंडर हरियाणा के बिलासपुर, सढौरा व नारायणगढ़ शहरों के आसपास बेचे जाते हैं। कई बार लोग कम दाम देखकर ऐसे अवैध सिलेंडर खरीदने से ज़रा भी नहीं कतराते हैं।

कालाअंब हरियाणा की सीमा से सटा होने के कारण यहां कई चोर रास्ते हैं, जिनके माध्यम से यह धंधा बिना किसी रोकटोक के किया जा रहा है। अवैध रूप से गैस बेचे जाने से ये इलाकें सुरक्षा की दृष्टि से खतरे के निशान पर ही रहते हैं। गैस भरते समय कभी भी कोई भी बड़ी घटना हो सकती है। खास बात यह है कि इन अवैध कारोबारियों के पास आग बुझाने का कोई भी यंत्र नहीं होता है। फायर स्टेशन अधिकारी बताते है कि अवैध कारोबार करने वालो को कोई एनओसी नहीं दी जाती है। अधिकृत विक्रेता को भी आवश्यक सुरक्षा मापदंडों को पूरा करने के बाद ही अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया जाता है।

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