आईआईटी के विद्यार्थियों ने महिला स्वच्छता को बढ़ावा देने उत्पाद विकसित किए

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अगर आप समझते हैं कि स्टार्टअप का मतलब प्रौद्योगिकी होता है तो आईआईटी के विद्यार्थियों ने इसे फिर से परिभाषित किया है और महिलाओं के स्वच्छता संबंधी मुद्दे पर अपने नए तरीके से रूढ़ियों को तोड़ा है और जागरूकता पैदा की है। इसी तरह का एक प्रयास है ‘सनफे’ नामक स्टार्टअप। इसे एक साल पहले अर्चित अग्रवाल व हैरी सेहरावत ने शुरू किया था। दोनों छात्र आईआईटी-दिल्ली से हैं। दोनों के दावों के अनुसार, इस स्टार्टअप ने एक करोड़ रुपये राजस्व का आंकड़ा छू लिया है।

पहाड़ों की यात्रा के दौरान उनकी महिला दोस्तों में एक को मूत्राशय में संक्रमण हो गया। ऐसा गंदे सार्वजनिक शौचालय के इस्तेमाल की वजह से हुआ। इसने उन्हें सोचने पर मजबूर किया और उन्होंने पाया कि करीब 50 फीसदी से ज्यादा भारतीय महिलाओं को इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने एक डिवाइस विकसित करने का निर्णय लिया, जो किफायती हो और इस्तेमाल में आसान हो। इस तरह से ‘स्टैंड एंड पी’ अस्तित्व में आया। इस एक डिवाइस की कीमत 10 रुपये है। इस डिवाइस की अच्छी ऑनलाइन बिक्री हुई है।

उन्होंने महिलाओं के लिए एक विशेष तेल विकसित किया है, जो मासिक दर्द से आराम देता है। उनके अनुसार, यह तत्काल दर्द से आराम देता है और लंबे समय तक आराम बना रहता है।

सेहरावत ने आईएएनएस से कहा, “शुरुआती योजना महिलाओं को गंदे सार्वजनिक शौचालय के इस्तेमाल से बचाने के लिए एक उत्पाद बनाने की थी। बाद में हमें एहसास हुआ कि ऐसी बहुत-सी चीजें हैं, जिसमें महिला स्वच्छता के सुधार के लिए काम किया जाना चाहिए।”

एक अन्य उत्पाद समाज में परिवर्तन लाने के लिए आईआईटी-बंबई व आईआईटी-गोवा के दो छात्रों द्वारा विकसित किया गया है। यह रियूजेबल सैनिटरी पैड को साफ करने में मदद करता है।

देवयानी मालाडकर (आईआईटी-गोवा) और ऐश्वर्य अग्रवाल (आईआईटी-बम्बई) ने पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए मासिक धर्म कचरे के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए क्लीनसे राइट की स्थापना की है। उन्होंने रियूजेबल सैनिटरी पैड को साफ करने के लिए एक किफायती डिवाइस विकसित किया है। इसकी कीमत 1500 रुपये है।

ऐश्वर्य ने आईएएनएस से कहा, “मशीन को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह स्वच्छ तरीके से कॉटन सैनिटरी पैड पर रब करने पर मानव हाथों की तरह उसे साफ कर देता है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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