ये हैं भारत के सबसे बेहतरीन मेले, परम्पराओं से है लगाव तो ज़रूर जाएँ यहाँ

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भारत के मेले भारत की शान और आकर्षण को और बढ़ाते हैं|इन मेलों की खासियत यह है कि ये आपको भारत की परम्पराओं के साथ साथ कई नयी चीज़ों के भी दर्शन करते हैं| भारत में मेले घूमने का प्रचलन बहुत पुराना है तो अगर आप अपने बिजी रूटीन के कारण अपने बचपन के मेलों को नहीं याद कर पा रहे हैं तो हम ले चलते हैं एक बार फिर आपको इन मेलों से रूबरू कराने और आपको आपके बचपन की याद दिलाने|

1-कुम्भ का मेला: कुम्भ का मेला भारत का बहुत ही प्रचलित मेला है| ये एक धार्मिक मेला है जो हिन्दू धर्म पर आधारित है| कुम्भ का मेला हर 12 वर्षों में चार अलग अलग स्थानों पर मनाया जाता है जिनमे प्रयागराज, नासिक, उज्जैन और हरिद्वार शामिल हैं| पुराणों के अनुसार देवताओं और राक्षसों के बीच अमृत को लेकर हुए समुद्र मंथन में अमृत की चार बूँदें चार अलग अलग स्थानों पर गिरी थीं और उन्ही स्थानों पर अमृत की पवित्रता के कारण कुम्भ मेले का आयोजन किया जाता हैं|  इस मेले में दुनिया भर से करोड़ों की तादाद में लोग आते हैं और गंगा नदी के किनारे आयोजित होने वाले इस मेले का आनद उठाते हैं|2- पुष्कर का मेला: पुष्कर का मेला राजस्थान के सबसे पुराने शहर पुष्कर में मनाया जाता है| इस मेले में दुनिया का सबसे बड़ा कैमल फेयर लगता है और यहाँ  अनेकों प्रतिगितयों जैसे सबसे लम्भी मूंछ की प्रतोयोगिता का आयोजन भी किया जाता है|

3- हेमसी गोम्पा मेला: हेमसी गोम्पा नामक मेले को लद्दाख स्थित हेमिस गोम्पा स्थान पर मनाया जाता है| हेमिस गोम्पा बुद्धिस्त कम्युनिटी का सबसे बड़ा मेला है| हेमिस गोम्पा का मेला जनवरी और फरवरी के महीने में मनाया जाता है|

4- सोनपुर मेला: सोनपुर मेला बिहार के सोनपुर शहर में मनाया जाता है| सोनपुर मेले जैसा मेला पूरी दुनिया में और कही नहीं मनाया जाता है और ये एशिया के सबसे बड़े पशु मेले के रूप में जाना जाता है जिसका सबसे बड़ा आकर्षण हाथियाँ होती हैं| हाथियों के साथ साथ इस मेले में बन्दर,पक्षी और भैंस के साथ साथ बहुत से जानवर बेचे जाते हैं|

5- कोलायत का मेला: कोलायत का मेला सितम्बर और अक्तूबर के महीने में राजस्थान राज्य के बीकानेर शहर में मनाया जाता है| कोलायत में मनाये जाने वाले इस मेले में सभी लोग कोलायत तालाब पर जाकर स्नान करते हैं और उसके साथ ही अनेकों दीयों को भी उस तालाब में प्रवाहित करते हैं| इन दियों की जगमाहट इस मेले की शान बढाती है और यही जगमगाहट इस मेले का आकर्षण केंद्र भी है|

भारत में ऐसे कई भिन्न भिन्न मेलों का आयोजन समय समय पर किया जाता है| इन मेलों की जगमगाहट और सुंदरता से सिर्फ देशवासी ही नहीं बल्कि विदेशी भी आकर्षित होकर इनका आनद लेने यहाँ तक पहुँच जाते हैं|

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