पिछड़ी जाति आरक्षण में हो जाए बंटवारा तो महागठबन्धन की निकल जाएगी हवा : ओमप्रकाश

0
43

उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने शुक्रवार को गाजीपुर में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पिछड़ी जाति के 27 प्रतिशत आरक्षण में बंटवारा कर दे तो समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के गठबंधन की हवा निकल जाएगी। राजभर ने कहा कि सपा-बसपा गठबंधन के पास वोट नहीं है। सपा-बसपा महागठबंधन के नाम पर सिर्फ हौवा खड़ा कर रही है।

उन्होंने कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चाहेगी तो वो महागंठबंधन में शामिल हो जाएंगे। अगर भाजपा नहीं चाहेगी तो वो गठबंधन में नहीं जाएंगे।

ओमप्रकाश राजभर ने कहा, “उन्हें सीट नहीं चाहिए। सरकार सिर्फ 27 प्रतिशत आरक्षण में बंटवारा कर दे तो कोई भी महागठबंधन बीजेपी गठबंधन को नहीं हरा सकता है।”

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबन्धन की हलचल तेज है। शनिवार को इसे लेकर दोनो पार्टियों के प्रमुख कान्फ्रेंस करने वाले हैं। ऐसे में यह बयान काफी मायने रखता है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleघर में होगी पैसे की बरसात, बस सुबह सुबह करे ये छोटा सा काम
Next articleAUS vs IND: सिडनी वनडे के साथ शिखर धवन के करियर पर लगा यह बड़ा ‘दाग’,जानकर चौकं जाएंगे
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here