अमृतसर रेल: हादसा रोका जा सकता था हादसा, अगर पुलिस अधिकारी पढ़ लेते एक ई-मेल

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जयपुर। अमृतसर रेल हादसे में एक नई बात सामने आई की अगर रेलवे पुलिस ने ईमेल पर गौर किया होता और कार्यवाही करी होती तो इस हादसे को रोका जा सकता था. इस हादसे की जांच कर रही टीम ने ये बात सामने रखी है कि 18 और 19 अक्टूबर की मध्यरात्रि 12:53 बजे पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय ने रेलवे पुलिस (जीआरपी) सहित क्षेत्र के सभी थानों को दशहरे के मद्देनजर सुरक्षा प्रबंध पुख्ता करने के लिए ईमेल भेजी थी.

इस बात के बाद रेलवे पुलिस और पुलिस की लापरवाही की बात सामने आ रही है लेकिन अभी तक इस मामले में रेलवे पुलिस ने अपना पक्ष नहीं रखा है. आपको बता दे की इस मामले की जांच के आदेश प्रदेश सरकार ने दिए थे वहीं इस मामले में रेलवे ने किसी भी प्रकार की जांच करने से मना कर दिया था.

रेलवे ने अपने सभी कर्मचारियों की क्लीन चिट दी थी.  आपको बता दे की विजयदशमी के दिन पंजाब के अमृतसर में करीब 700 से 800 एक रेलवे ट्रैक के पास रावण दहन देख रहे थी और इस रावण दहन को देखने के लिए कई लोग रेलवे ट्रैक पर जा पहुचे और जब रावण जल रहा था तब आतिशबाजी की आवाज में किसी को भी ट्रेन की आवाज नहीं सुनाई दी.

इस हादसे में 61 लोगों की मौत हो गई थी वहीँ कई लोग घायल हुए थे. जिस कार्यक्रम में ये हादसा हुआ उस कार्यक्रम में नवजोत सिंह सिद्दू की पत्नी मुख्य अथिति थी और कई लोग आरोप लगा रहे थे की ये हादसा उनकी वजह से हुआ क्यों की वो कार्यक्रम में देर से पहुंची थी, लोगों का कहना था की अगर वो समय पर पहुंच जाती तो ये हादसा न होता.

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