दुनिया के हर मंच पर कश्मीर मुद्दा उठाऊंगा : इमरान खान

0
20

कश्मीर को दिए गए विशेष दर्जे को भारत द्वारा समाप्त करने से परेशान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की राजधानी मुजफ्फराबाद में रैली की। इसमें उन्होंने कहा कि वह दुनिया के हर मंच पर कश्मीर मुद्दा उठाएंगे। इमरान पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि कश्मीर मुद्दे पर हर हफ्ते एक आयोजन होगा। इससे पहले ‘कश्मीरियों से एकजुटता’ जताने के लिए पाकिस्तान में ‘कश्मीर ऑवर’ मनाया गया था। इमरान ने कहा था कि शुक्रवार 13 सितम्बर को वह मुजफ्फराबाद में ‘बड़ा जलसा’ करेंगे। रैली में इमरान के साथ पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी समेत कई सेलिब्रिटी भी पहुंचे।

अपने स्वागत से खुश इमरान ने कहा, “कश्मीरी लोगों का दूत बनने की वजह यह है कि मैं एक पाकिस्तानी, एक मुस्लिम और इनसान हूं। कश्मीर का मुद्दा आज एक मानवीय संकट में बदल चुका है।”

इमरान ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “केवल एक कायर ही इनसानों के खिलाफ इतनी क्रूरता दिखा सकता है। आज नौ लाख भारतीय फौजी कश्मीर में लोगों पर जुल्म कर रहे हैं। कोई बहादुर ऐसे काम नहीं करता। चाहे मर्जी जितनी नाइंसाफी कर लो, आप कभी कामयाब नहीं होंगे। अब कश्मीरी मौत से नहीं डरते।”

हाल के दिनों में इमरान जिस तरह की बयानबाजियां करते रहे हैं, वही उन्होंने इस रैली में भी कीं। उन्होंने कहा कि ‘मोदी बचपन से ही आरएसएस के सदस्य हैं जो कि चरमपंथी हिंदू संगठन है और जो अल्पसंख्यकों से नफरत करता है।’

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘आज कश्मीर (मुद्दे) का अंतर्राष्ट्रीयकरण हो चुका है। बीते पचास साल में यह पहली बार है जब सुरक्षा परिषद ने कश्मीर मुद्दे पर बैठक की है। पहली बार यूरोपीय संघ ने कहा है कि कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के अनुरूप निपटाया जाना चाहिए। इस्लामी देशों के संगठन ओआईसी ने भारत से कश्मीर में कर्फ्यू हटाने को कहा है। ब्रिटेन के चालीस सांसदों ने कश्मीर मुद्दा उठाया है। मुझे खुशी है कि अमेरिकी सीनेटरों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पत्र लिखकर मामले में दखल देने की मांग की है।’

इमरान ने कहा, “मैं न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने जा रहा हूं। मैं कश्मीरी लोगों को निराश नहीं करूंगा। मैं हर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर इस मुद्दे को उठाऊंगा।”

उन्होंने कहा, “मैं भारत से कहना चाहता हूं कि आप, लोगों को चरमपंथ की तरफ धकेल रहे हैं। अगर आप किसी से दुर्व्यवहार करेंगे, उसके परिवार और बच्चों से बुरा बर्ताव करेंगे तो फिर वह लड़ेगा क्योंकि उसे लगेगा कि ऐसी जिंदगी से तो मौत बेहतर है।”

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान चाहता है कि कश्मीर मुद्दा संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुरूप हल हो। कश्मीरियों को आत्मनिर्णय का अधिकार मिले कि वे कहां रहना चाहते हैं।

पीओके के युवाओं से इमरान ने कहा, “मैं जानता हूं कि आप नियंत्रण रेखा की तरफ जाना चाहते हैं लेकिन जब तक मैं ना कहूं तब तक ऐसा ना करें। पहले मुझे संयुक्त राष्ट्र जाकर कश्मीर के लिए संघर्ष करने दें।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleआपके पसंदीदा गाने बना सकते है आपके काम को दोगुना इफेक्टिव
Next articleट्विटर ने राउल कास्त्रो, क्यूबाई मीडिया केंद्रों का खाता निलंबित किया
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here