मैं ‘बैटमैन एंड रॉबिन’ में बुरा था : George Clooney

0

हॉलीवुड स्टार जॉर्ज क्लूनी ने स्वीकार किया है कि वह 1997 की सुपरहीरो फिल्म ‘बैटमैन एंड रॉबिन’ में बुरे थे।

वेबसाइट ‘फीमेलफर्स्ट डॉट को डॉट यूके’ के मुताबिक, क्लूनी ने कहा, “मैं इसमें बुरा था। यह एक खराब फिल्म है। लेकिन मुझे भी इसके जिम्मेदार ठहराया जा रहा था, अजीब तरीके से। तब मुझे एहसास हुआ कि अगर आप ‘बैटमैन एंड रॉबिन’ में बैटमैन बनने जा रहे हैं, तो आपको इसके प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा।”

उन्होंने कहा, “हर किसी ने कहा कि ‘बैटमैन’ बहुत अच्छी फिल्म नहीं थी, लेकिन मेरे लिए अच्छी खबर यह थी कि मैं इसे सबक के रूप में ले सका और कुछ सीख सका।”

क्लूनी ने कहा कि उन्होंने फिल्म बनाने के अनुभव का भी आनंद नहीं लिया क्योंकि सेट पर हर कोई मुश्किल समय का सामना कर रहा था। काफी तनाव था। शूटिंग में एक तरह से आठ महीने लग गए थे।

उन्होंने कहा कि फिल्म के साथ बहुत सारी समस्याएं थीं।

अभिनेता ने कहा, “लेकिन, आप जानते हैं, समस्याओं में से एक यह भी था कि मैं इसमें बहुत अच्छा नहीं था।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleचीन चंद्रमा मिशन: चीन के चांग’ए -5 चंद्रमा पर उतरने के लिए पूरी तरह से तैयार, इस बार आर्बिटर लैंडर से अलग होगा
Next articleSara Ali Khan: जब सारा अली खान के द्वारा करीना को आंटी कहने पर ऐसा था सैफ अली खान का रिएक्शन
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here