अपने काम में और अनुशासन लाना चाहता हूं : Siddharth Sipani

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अभिनेता सिद्धार्थ सिपानी, जिन्हें उनके शो ‘जिंदगी की महक’ में उनकी भूमिका के लिए जाना जाता है, उनका कहना है कि वह अपने काम में और अधिक अनुशासन लाना चाहते हैं। सिद्धार्थ वर्तमान में अपनी लघु फिल्म फरीहा के लिए व्यस्त हैं, जिसमें उनके साथ सुबुही जोशी नजर आएंगी।

सिद्धार्थ ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “मैं इस समय एक ऐसे प्रोजेक्ट पर काम कर रहा हूं, जो अभी तक मेरी इच्छा सूची में शामिल रहा है।”

सिद्धार्थ ने कहा, “मैं आगे बढ़ने और सभी अवसरों को भुनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहता हूं। मैं अपने काम के प्रति और भी अधिक अनुशासित होना चाहता हूं। यह कहा जाता है कि अनुशासन लक्ष्यों और उपलब्धि के बीच का सेतु है।”

उन्होंने कहा कि चाहे कुछ भी हो अगर आप अपने काम के साथ अनुशासित रहते हैं तो अंत में आप अपने आपको खुश ही देखते हैं।

सिद्धार्थ ने इस बात पर जोर दिया कि व्यक्ति को अपने जुनून (पैशन) का पालन करने और वह सब करने की जरूरत है, जो उसे खुश कर सकता है।

उन्होंने अपने प्रशंसकों को एक संदेश देते हुए कहा, “समय के साथ सब कुछ आसान हो जाता है। ऐसे दिन भी आते हैं, जब आपका शरीर हार मान जाता है, आपको रात को नींद नहीं आती, मगर आपको आखिर चलते जाना है। कभी भी पीछे न हटें या हार न मानें। यही एक बार में सब कुछ मैनेज करने का एकमात्र तरीका है।”

मनोरंजन उद्योग एक क्रांतिकारी दौर से गुजर रहा है, जिसमें ओटीटी प्लेटफार्मों की शुरूआत और यहां तक कि यूट्यूब चैनलों के साथ इंटरनेट भी शामिल है। सिद्धार्थ का कहना है कि दर्शकों को इससे सबसे ज्यादा फायदा होगा।

उन्होंने कहा, “ओटीटी प्लेटफॉर्म बहुत बड़ा है। उद्योग के डिजिटलाइजेशन ने लोगों के फिल्में देखने के तरीके को बदल दिया है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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