भूल जाता था ID Card, युवक ने किया ये कारनामा

0
38

दोस्तो, कल लोगों को भूलने की बीमारी होती है जिसके कारण वो लोग कुछ भी भूल जाते हैं । लेकिन आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं ​जो कि कुछ भी भूल जाता है लेकिन उसने अपनी आईडी कार्ड को याद करने का एक ऐसा तरीका निकाला जिसके बारे में जानकर आप भी चौंक जाएंगे ।

बताया जा रहा है कि, ये शख्स वियतनाम में रहता है। मतलब कि वह अक्‍सर अपना आईडी कार्ड भूल जाता था। उसे सबसे बड़ी दिक्‍कत शराब खरीदने में होती थी, क्‍योंकि बिना आईडी कार्ड के दुकानों पर शराब नहीं मिलती । बहरहाल, इन युवक ने एक उपाय निकाला जो जानने में थोडा अजीब सा लगे । इन भाई साहब ने अपनी बांह पर आईडी-कार्ड का टैटू बनवा लिया है । उनकी तस्‍वीरें अब वियतनाम के सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है । मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बताया जा रहा है कि, उनके दोस्‍त ने बताया कि टैटू का आइडिया तब आया, जब बीते दिनों सभी दोस्‍त एक क्‍लब में पहुंचे थे । क्‍लब वाले ने शराब और दूसरे अल्‍कोहल वाले ड्रिंक देने से इनकार कर दिया ।

बताया जा रहा है कि जब इस शख्स ने टैटू बनाने वाले आर्टिस्‍ट नगुयेन वान ने कहा तो वो भी इसके बारे में सुनकर चौंक गया । जब इसके बारे में टैटू आर्टिस्ट से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि, मैंने उनको इसके लिए मना भी किया था लेकिन वो नहीं माने । जिसके बाद मैंने उनके हाथ पर आईडी का टैटू बना दिया ।

 


SHARE
Previous article12 साल के बच्चे ने बनाया स्मार्ट डस्टबिन, जानिए कैसे करता है काम
Next article60 लाख रुपए प्रति किलो मिलती है ये जड़ी-बूटी
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here