मैंने दक्षिणी फिल्मों और बॉलीवुड में उत्पीड़न झेला है : अमायरा दस्तूर

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भारत में ‘मी टू’ आंदोलन की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री तनुश्री दत्ता के साथ कई बड़ी हस्तियां आगे आकर अपने कटु अनुभव साझा करने लगी हैं। अभिनेत्री अमायरा दस्तूर का कहना है कि वह भी पुरुष और महिलाओं के हाथों उत्पीड़न का शिकार हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि उनके पास नाम लेने और उन्हें शर्मसार करने की हिम्मत नहीं है।

अमायरा ने 2013 में ‘इसक’ के साथ अपने बॉलीवुड सफर की शुरुआत की थी, जिसके बाद वह ‘मिस्टर एक्स’, ‘कलाकंदी’ और ‘कंग फू योगा’ जैसे कई हिंदी फिल्मों में दिखाई दी थी।

आईएएनएस के साथ एक ईमेल साक्षात्कार में जब अमायरा से पूछा गया कि क्या उन्हें भी अपने सफर के दौरान कास्टिंग काउच या उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, तो उन्होंने कहा, “सच कहूं, तो मुझे दक्षिण या बॉलीवुड में कास्टिंग काउच का सामना नहीं करना पड़ा। लेकिन हां, मैंने दोनों जगहों पर अपने हिस्से के उत्पीड़न का सामना किया है। मुझमें उनका नाम लेने की हिम्मत नहीं है, क्योंकि वे शक्तिशाली लोग हैं, जो मुझे लाचार होने का अहसास कराते रहते हैं।”

उन्होंने हालांकि कहा कि एक दिन निश्चित रूप से उत्पीड़कों के चेहरे सामने लाएंगी।

अमायरा ने कहा, “लेकिन जब तक मैं सुरक्षित और सकुशल महसूस नहीं करती, तब तक मैं किसी का नाम नहीं लूंगी। वे वास्तव में जानते हैं कि वे कौन हैं और उन्होंने क्या किया है। अब के लिए जो मैं कहना चाहती हूं वह यह है कि उन्हें भेदभाव करने के तरीकों को बंद कर देना चाहिए, क्योंकि अब निश्चित रूप से बदलाव की हवा बहने वाली है और उनकी स्थिति उनके कर्मो से उन्हें बचाने के लिए काफी नहीं है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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