मैंने हमेशा आलोक नाथ का सम्मान किया है : हेमंत

0
97

आलोक नाथ द्वारा निभाए गए किरदारों से मिलता-जुलता किरदार एक टीवी सीरियल में निभा रहे अभिनेता हेमंत चौधरी का कहना है कि उन्होंने ‘मैंने प्यार किया’ के अभिनेता का हमेशा सम्मान किया है। आलोक को फिल्मों में एक मोहित पिता के किरदार निभाने के लिए जाना जाता है। जल्दी ही, हेमंत ‘मैं मायके चली जाऊंगी तुम देखते रहियो’ कार्यक्रम में समर (अभिनेता नमीश तनेजा) के पिता गौरी शंकर का किरदार निभाते दिखाई देंगे।

गौरी समर के प्रत्येक फैसले में उसका समर्थन करते दिखाई देंगे। हेमंत ने एक बयान में कहा, “मैंने हमेशा ही आलोक नाथ का सम्मान किया है। वह एक बेहतरीन अभिनेता हैं, जिन्होंने बॉलीवुड में अपना मुकाम बनाया है और अधिकतर में पिता की भूमिका निभाई है। गौरी शंकर विभिन्न रूप दिखाएंगे। सीरियल में ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां वह एक मोहित पिता के रूप में दिखाई देंगे और अपने बेटा का समर्थन करते नजर आएंगे।”

उन्होंने कहा, “बतौर पिता, वह अपने परिवार को बचाने के लिए किसी हद तक जा सकते हैं। यह मेरे लिए एक सपने जैसा किरदार है।” ‘मैं मायके चली जाऊंगी तुम देखते रहियो’ 11 सितंबर से सोनी एंटरटेनमेंट टीवी पर प्रसारित किया जाएगा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleदुनिया का सबसे बड़ा प्राचीन शिवलिंग का जानिये हैरान कर देने वाला रहस्य
Next articleदिमागी कई खतरनाक बीमारियों को ठीक कर सकता है चुंकदर
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here