मैं अब कोर्ट पर फिट हूं और खेलने के लिए तैयार हूं : PV Sindhu

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अपने प्रशंसकों को कुछ दिन पहले हैरत में डालने वाली भारत की महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने कहा है कि उनका स्वास्थ्य भी अच्छा है और वह कोर्ट पर जाने के लिए भी फिट हैं। सिंधु का कहना है कि वह आने वाले दिनों में टूर्नामेंट खेलने के लिए तैयार हैं।

सिंधु ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने किस तरह कोविड-19 के कारण लगे लॉकडाउन का सामना किया, टोक्यो ओलम्पिक के स्थगित होने पर उनकी क्या प्रतिक्रिया थी। साथ ही कोच पुलेला गोपीचंद के साथ अपने संबंध पर भी सिंधु ने बात की।

रियो ओलम्पिक की रजत पदक विजेता ने लॉकडाउन को लेकर कहा, “जो रोज का रुटीन था उसे अचनाक से रोकना आसान नहीं था। लेकिन हम सभी को पता था कि सभी चीजों को रोकना और अपना ख्याल रखना कितना अहम है।”

उन्होंने कहा, “मैंने अपने आप को घर में काम कर एक्टिव रखने की कोशिश की और इससे मुझे मदद भी मिली। मैंने अपने परिवार के साथ भी काफी समय बिताया और कुछ नई चीजें जैसे पेंटिंग भी सीखीं।”

उन्होंने कहा, “मैं कोर्ट नहीं जा पा रही थी इसलिए जब मैंने शुरुआत की तो यह थोड़ा मुश्किल था। लेकिन मुझे लगता है कि अब मैं कोर्ट पर जान के लिए भी फिट हूं और टूर्नामेंट खेलने के लिए तैयार।”

इसी कोविड-19 के कारण इसी साल होने वाले टोक्यो ओलम्पिक खेलों को एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया है। सिंधु ने कहा कि वह स्थिति को देखते हुए स्थगन के लिए तैयार थीं और इसलिए उन्हें इससे हैरानी नहीं हुई।

उन्होंने कहा, “पूरे विश्व में जो हो रहा था उससे साफ पता चल रहा था कि टोक्यो ओलम्पिक स्थगित हो जाएंगे। मैंने मानसिक तौर पर इसकी तैयारी भी शुरू कर दी थी।”

सिंधु ने हालांकि कहा कि इस ब्रेक ने उनकी लय को नहीं तोड़ा और वह ओलम्पिक में स्वर्ण पदक के सपने को पूरा करना चाहती हैं।

सिंधु ने कहा, “मैं अपने आप को 2021 में खेलने के लिए मानसिक और शारीरिक तौर पर तैयार कर रही थी। हम ज्यादा दूर नहीं थे और यह पूरे विश्व की स्थिति थी। इसलिए हर खिलाड़ी समान स्थिति में से गुजरा। हम सभी को इस स्थिति को समझना है, ट्रेनिंग करनी है और टोक्यो खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ देना है।

विश्व चैम्पियन सिंधु ने सितंबर में डेनमार्क ओपन से नाम वापस ले लिया था लेकिन वह थॉमस और उबर कप में खेलने को तैयार हो गई थीं जो बाद में स्थगित कर दिया गया।

उन्होंने कहा, “मैं एशिया में टूर्नामेंट के लिए तैयार हूं। मैं लंबे समय बाद कोर्ट पर वापसी करूंगी। मेरी ट्रेनिंग अच्छी चल रही है। इस ब्रेक ने मुझे एक खिलाड़ी के तौर पर सीखने और सुधार करने में मदद की है। मैं इस ब्रेक से काफी सारी सकारात्मक चीजें सीखने में सफल रही हूं। इस समय का उपयोग मैंने वो सब करने में किया है जिनके लिए मुझे अपने व्यस्त कार्यकम के कारण समय नहीं मिलता था।”

हाल ही में ऐसी खबरें थी कि सिंधु और गोपीचंद में विवाद हो गया है और सिंधु राष्ट्रीय शिविर में सुविधाओं से खुश नहीं हैं। सिंधु ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

सिंधु ने कहा, “गोपी सर मेरे कोच हैं। उन्होंने मेरी काफी मदद की है। मेरा उनके साथ किसी तरह का विवाद नहीं है। मैंने उन्हें इंग्लैंड में गैटोरेड स्पोर्टस साइंस इंस्टीट्यूट (जीएसएसआई) में ट्रेनिंग करने के बारे में जानकारी दे दी थी।”

सिंधु इस समय इंग्लैंड में हैं और जीएसएसआई में रेबेका रैंडेल के साथ काम कर रही हैं।

उन्होंने कहा, “मैं जीएसएसआई के साथ पिछले चार साल के काम कर रही हूं और यह लंबी प्रक्रिया है। हम कई सारी चीजों पर काम कर रहे है जैसे न्यूट्रीशन, रिकवरी और इससे मुझे काफी मदद मिल रही है।”

हाल ही में सिंधु ने खेल जगत को अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट से हैरान कर दिया था जिसमें उन्होंने लिखा था, ‘आय रिटायर।’

सिंधु ने हालांकि इस पोस्ट में लिखा था कि वह नकारात्मकता से रिटायरमेंट ले रही हैं जो कोविड-19 के कारण आई।

उन्होंने कहा, “सारी नकारात्मकता, जानकारी, न्यूज ने मुझे काफी परेशान किया इसलिए मैं सभी के साथ अपने विचार साझा करना चाहती थी। वह ओपन लेटर मेरे लिए मेरी चिंता और डर को जाहिर करने के लिए था।”

सिंधु ने जापान की नोजोमी ओकुहारा, स्पेन की कैरोलिना मारिन से अपनी प्रतिद्वंदिता के बारे में भी बात की और कहा यह सभी उनके अंदर से उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलवाती हैं।

सिंधु ने कहा, “कोर्ट पर हम एक दूसरे के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा का लुत्फ लेते हैं लेकिन कोर्ट के बाहर हम दोस्त हैं। यही खेल की और खेलभावना की सुंदरता है। मैं प्रतिस्पर्धी मैच का आनंद लेती हूं और इन दोनों के साथ लगभग हर मैच काफी प्रतिस्पर्धी होता है। हम एक दूसरे की सीमाओं को चुनौती देते हैं और सर्वश्रेष्ठ निकलवाते हैं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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