मैं उत्पीड़क नहीं, बदनाम किया जा रहा : चेतन भगत

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व्हाट्सएप पर हुई बातों के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हमले झेल रहे लेखक चेतन भगत ने बुधवार को कहा कि उन पर हमला किया जा रहा है और इल्जाम लगाया जा रहा है। चार पन्नों के अपने विस्तृत बयान में चेतन भगत ने कहा, “मैं आपको बताना चाहता हूं कि मुझे कष्ट हो रहा है, क्योंकि मेरा नाम फालतू की बातों में घसीटा जा रहा है, और मेरे परिवार का और मेरा उत्पीड़न किया जा रहा है। ‘मी टू’ अभियान की आड़ में मुझ पर हमले हो रहे हैं और मुझे परेशान किया जा रहा है। मैं उत्पीड़क नहीं हूं, न कभी था और न कभी रहूंगा।”

बेस्टसेलिंग लेखक भगत की हालिया किताब ‘द गर्ल इन रूम 105’ मंगलवार को रिलीज हुई। भगत ने कहा कि वे स्क्रीनशॉट्स मजाकिया, लेकिन दोस्ताना और शालीन बातचीत के थे।

उन्होंने कहा कि ऐसे आधारहीन आरोपों से उनकी पत्नी, 70 वर्षीय मां, उनके ससुराल पक्ष के लोग और उनके किशोर आयु के जुड़वा बेटों पर प्रभाव पड़ा है।

उन्होंने कहा, “सभी लोग अपने-अपने स्तर पर परेशान हैं।”

उन्होंने कहा कि ‘मी टू’ अभियान से कुछ सकारात्मक बदलाव आएगा।

उन्होंने कहा, “मैंने अपनी नई किताब का प्रचार भी रोक दिया, जिसके लिए मैंने प्रतिदिन काम किया, और सालों तक काम किया। जीवन में पहली बार लांच के दिन मैं अपनी किताब के पाठकों को धन्यवाद नहीं बोल पाया। सोशल मीडिया पर मुझे प्रतिदिन सैकड़ों संदेशों में बधाई दी जा रही है।”

भगत ने कहा कि ‘मी टू’ अभियान के अच्छे पहलू हैं और सही शिकायतों के साथ कुछ अच्छे लोग भी हैं।

उन्होंने कहा, “मैं उनके साथ हूं। हालांकि अभियान पहले ही बुरा रूप ले चुका है और अगर लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया तो सही लोगों को परेशानी होगी।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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