हाइपर एसिडिटी को तुरंत सही करते हैं ये आयुर्वेदिक उपचार

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जयपुर। दुनिया में हर व्यक्ति हाइपर एसिडिटी यानि अम्लपित्त से परेशान है। देर तक खाली पेट रहने और ज्यादा तला-भुना खाने से एसिडिटी बहुत ज्यादा होती है और इतना सब कुछ होने के बाद तो ये लाज़मी है। आपको बता दे कि पेट में जलन, खट्टी डकारें आना, मुंह में पानी भर आना, पेट में दर्द, गैस की शिकायत, जी मिचलाना ये एसिडिटी के लक्षण हैं। इसलिए आज हम आपको हाइपर एसिडिटी के कारगर आयुर्वेदिक उपचारों के बारे में बतायेंगे कि जब ये आपको हो

तो आप इसका आसानी से इलाज कर सकते हैं। एसिडिटी के रोगियों को अपनी डाइट में दूध, छाछ, नारियल पानी और गुनगुने पानी शामिल करना चाहिए। इसी के साथ घर में बना ताज़ा भोजन ही खाना चाहिए। अगर आप दालों में मूंग और मसूर का प्रयोग करें तो आपके लिए बहुत ही बेहतर होगा। इसी के साथ आप अगर बहुत ज़्यादा चाय-कॉफ़ी, शराब, धूम्रपान, मांसाहार का सेवन करते हो तो आप इनसे दूर रहे। इसी तरह से खाना खाने के बाद सोना तथा खाना खाने के बाद पानी नहीं पीना चाहिए।

ये गलती हर कोई करता है कि बहुत ज़्यादा ऑयली खाना खाते हैं। अगर आप मिर्च-मासलेदार खाने के अलावा देर से पचने वाले भोजन जैसे राजमा, छोले, उड़द, मटर, गोभी, भिंडी, आलू, अरबी, कटहल, बैंगन, खमीरीकृत भोजन जैसे कि इडली, डोसा, बेकरी प्रोडक्ट, बासी खाना, डब्बाबंद खाना आदि का प्रयोग करते है तो सबसे पहले इनको बंद कर दे। इस तरह से आप आपने शरीर को सही ढंग से चला सकते हैं। और इसी के साथ आप स्वस्थ भी रह सकते हैं।

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